रांची के रिम्स डेंटल हॉस्पिटल में मंगलवार को इंटर्न डॉक्टरों ने चार महीने से स्टाइपेंड नहीं मिलने के विरोध में करीब तीन घंटे तक पेन-डाउन हड़ताल की। इस दौरान उन्होंने मरीजों का उपचार नहीं किया। अचानक काम रुकने से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार, पिछले करीब चार महीने से उनके स्टाइपेंड का भुगतान लंबित है। उनका कहना था कि लंबे समय तक राशि नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है। इसी मुद्दे पर बकाया भुगतान की मांग करते हुए डॉक्टरों ने सांकेतिक रूप से काम रोकने का फैसला किया।
पेन-डाउन हड़ताल की सूचना मिलने के बाद रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिन्हा ने इंटर्न डॉक्टरों से बातचीत की। उन्होंने आंदोलनरत डॉक्टरों की समस्याएं सुनीं और लंबित स्टाइपेंड का भुगतान जल्द कराने का आश्वासन दिया। बातचीत के बाद डॉक्टरों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।
आंदोलन समाप्त होने के बाद इंटर्न डॉक्टर दोबारा काम पर लौटे और डेंटल अस्पताल में मरीजों को देखना शुरू किया। करीब तीन घंटे तक चली हड़ताल के कारण इस अवधि में उपचार व्यवस्था प्रभावित रही, हालांकि प्रबंधन से आश्वासन मिलने के बाद अस्पताल का काम फिर शुरू हो गया।
इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि प्रबंधन के भरोसे पर अभी आंदोलन टाला गया है। उन्हें उम्मीद है कि बकाया राशि का भुगतान शीघ्र कर दिया जाएगा। डॉक्टरों के मुताबिक, भुगतान में दोबारा देरी होने की स्थिति में वे आगे के आंदोलन पर निर्णय ले सकते हैं। फिलहाल उनकी मुख्य मांग चार महीने से लंबित स्टाइपेंड का भुगतान है।