देवघर में आयोजित राज्यस्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तीकरण शिविर में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायिक सेवाओं को गरीब और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों तक पहुंचाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि न्याय की पहुंच अदालतों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अस्पतालों की सेवाओं की तरह कानूनी सहायता भी जरूरतमंद लोगों के घर तक पहुंचनी चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश ने मुफ्त कानूनी सहायता से जुड़े वकीलों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने वॉलंटियर्स से ऐसे लोगों की पहचान करने को कहा, जो जानकारी, आर्थिक स्थिति या दूसरे कारणों से न्यायिक व्यवस्था तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उनके अनुसार, वॉलंटियर्स जरूरतमंद नागरिकों और कानूनी सहायता देने वाले अधिवक्ताओं के बीच सेतु बन सकते हैं।
उन्होंने कानूनी सहायता के दौरान भाषा की बाधा दूर करने पर भी जोर दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति से उसकी अपनी भाषा में संवाद होने पर वह अपनी समस्या सहजता और स्पष्टता से बता सकता है। न्यायिक सेवाओं से जुड़े लोगों को सहायता मांगने वाले व्यक्ति की सामाजिक और भाषाई परिस्थितियों को समझना चाहिए।
झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जहां आवागमन के पर्याप्त साधन नहीं हैं, वहां विधिक सेवा प्राधिकरण के वॉलंटियर्स को स्वयं पहुंचना चाहिए। इन इलाकों के निवासियों को कानूनी अधिकारों और न्याय पाने की प्रक्रिया की जानकारी देना भी आवश्यक है।
कार्यक्रम में उन्होंने झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शुरू किए गए शिशु प्रोजेक्ट की सराहना की। उन्होंने विधिक सेवा संस्थाओं से आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के बीच अपनी पहुंच लगातार बढ़ाने का आह्वान किया। उनका जोर इस बात पर रहा कि जानकारी और संसाधनों की कमी किसी व्यक्ति को न्याय के अधिकार से वंचित न करे।
देवघर पहुंचने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह भी देवघर पहुंचे थे। व्यवहार न्यायालय परिसर में हुआ शिविर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची और देवघर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के शिविर मॉड्यूल के तहत आयोजित किया गया।