देवघर जिले की चितरा कोलियरी में कोयला व्यवसायियों और ट्रक मालिकों ने ई-ऑक्शन के तहत रोडसेल के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले कोयले की मात्रा बढ़ाने की मांग की है। शनिवार को विक्रय विभाग के पास हुई बैठक के बाद एसोसिएशन की ओर से कोलियरी प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा गया।
बैठक में रोडसेल के लिए कोयला ऑफर बढ़ाने के साथ परिवहन किराये और लोडिंग खर्च में वृद्धि के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। एसोसिएशन ने प्रबंधन से बिक्री के लिए कोयले का ऑफर बढ़ाकर 70 हजार मीट्रिक टन करने का आग्रह किया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष पप्पू कुमार भोक्ता के अनुसार, कोल डंप में पर्याप्त कोयला मौजूद होने के बावजूद बिक्री के लिए अपेक्षाकृत कम मात्रा उपलब्ध कराई जा रही है। उनका कहना है कि इससे कोयला कारोबारियों और ट्रक मालिकों के काम पर असर पड़ रहा है।
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि ढुलाई का काम पर्याप्त नहीं मिलने से कैजुअल मजदूरों को लौटना पड़ रहा है। संगठन का दावा है कि ऑफर की मात्रा बढ़ने पर रोडसेल से होने वाली कोयला ढुलाई नियमित रह सकेगी और इससे अधिक लोगों को काम मिलने की संभावना बनेगी।
व्यवसायियों और ट्रक मालिकों ने मौजूदा कोयला परिवहन किराये में बढ़ोतरी की मांग भी रखी। इसके अतिरिक्त, लोडिंग पर होने वाले खर्च की समीक्षा कर उसे बढ़ाने के लिए आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया गया, ताकि इस काम से जुड़े मजदूरों को उनके श्रम के अनुरूप भुगतान मिल सके।
मांग पत्र सौंपने से पहले उपस्थित सदस्यों ने सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। बैठक में जेपी राय, पंकज भोक्ता, रवि सिंह, दिलीप मंडल, सतीश सिंह, वीरेंद्र चौधरी, प्रकाश यादव, संतलाल रजक, अशोक भोक्ता और अन्य व्यवसायी तथा ट्रक मालिक शामिल हुए। मांगों पर प्रबंधन की ओर से किसी निर्णय या प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।