छठ पर बिहार जाने वाली बसों में बढ़ी भीड़, धनबाद से अतिरिक्त सेवाओं की तैयारी

धनबाद से बिहार के कई शहरों के लिए सीधी या पर्याप्त ट्रेन सेवा नहीं होने के कारण छठ पर बसों की मांग बढ़ी है। संचालक कुछ मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाने की तैयारी कर रहे हैं।

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धनबाद से छठ पर्व पर बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए बसें प्रमुख साधन बन गई हैं। नवादा, पूर्णिया, बिहारशरीफ और खगड़िया जैसे शहरों के लिए सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों की निर्भरता सड़क परिवहन पर बढ़ रही है। भागलपुर के लिए भी ट्रेनों और उपलब्ध सीटों की संख्या सीमित बताई गई है।

पर्व पर घर लौटने वालों की भीड़ बढ़ने से बसों में सीट पाना मुश्किल हो रहा है। कई यात्रियों को सीट नहीं मिलने पर खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है। बढ़ती मांग को देखते हुए बस संचालक हर वर्ष की तरह इस बार भी अतिरिक्त सेवाओं की व्यवस्था करने की तैयारी में हैं।

बस संचालकों के अनुसार बिहारशरीफ, औरंगाबाद, नवादा, पटना, भागलपुर और पूर्णिया के मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। पटना के लिए दो अतिरिक्त बसों की योजना है। बोकारो से भागलपुर और पूर्णिया के लिए भी एक-एक अतिरिक्त बस चलाने पर विचार किया जा रहा है।

धनबाद के यात्रियों के सामने एक समस्या यह भी है कि बिहार जाने वाली कई बसें बोकारो से यात्रियों को लेकर यहां पहुंचती हैं। ऐसे में पटना, हाजीपुर, पूर्णिया, भागलपुर और सिवान समेत विभिन्न शहरों की बसों में काफी सीटें पहले ही भर जाती हैं। धनबाद से चढ़ने वाले लोगों के लिए सीमित विकल्प बचते हैं।

रांगाटांड़ बस स्टैंड के लिए प्रत्येक बस में छह से आठ सीटें और बरटांड़ बस स्टैंड के लिए आठ से दस सीटें उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। भागलपुर के लिए टाटा से दुमका होकर आने वाली बस भी एक विकल्प है, जबकि पटना के लिए कुमारधुबी से एक बस चलती है। अतिरिक्त सेवाओं की तैयारी के बावजूद यात्रियों को यात्रा से पहले सीट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत पड़ सकती है।