त्योहारी भीड़ में दुमका की ट्रेनों में लंबी वेटिंग, भागलपुर-जसीडीह से वैकल्पिक सफर का रास्ता

दुमका से लंबी दूरी की ट्रेनों और बसों में सीटों की कमी के बीच दिल्ली से लौटने वाले यात्री भागलपुर, जसीडीह या देवघर के रास्ते हंसडीहा, गोड्डा और दुमका पहुंच सकते हैं।

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त्योहारी मौसम में दुमका से लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। रांची, बोकारो और कोलकाता समेत दूसरे शहरों के लिए चलने वाली ट्रेनों और बसों में सीटें लगभग भर चुकी हैं। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में दिल्ली तथा अन्य महानगरों से दुमका और आसपास लौटने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक स्टेशनों से आगे की यात्रा एक रास्ता बन सकती है।

रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर कार्यरत कर्मचारियों के मुताबिक, नवंबर तक स्लीपर और एसी श्रेणियों में वेटिंग 80 से अधिक पहुंच गई है। पहले से आरक्षण नहीं कराने वाले कई यात्रियों को टिकट के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। तत्काल टिकट के इच्छुक यात्रियों को एक दिन पहले से कतार में लगना पड़ रहा है, फिर भी कन्फर्म टिकट मिलने की निश्चितता नहीं है।

दिल्ली से हंसडीहा आने वाले यात्री भागलपुर को वैकल्पिक पड़ाव के रूप में देख सकते हैं। भागलपुर पहुंचने के बाद हंसडीहा के लिए रेल सेवा उपलब्ध है, जबकि सड़क मार्ग का विकल्प भी मौजूद है। गोड्डा, सरैयाहाट और नोनीहाट जाने वाले लोग भी अपनी सुविधा के अनुसार इस रास्ते का उपयोग कर सकते हैं। आगे की ट्रेन या बस का समय देखकर ही यात्रा की योजना बनाना जरूरी होगा।

जसीडीह और देवघर भी हंसडीहा तथा दुमका क्षेत्र के यात्रियों के लिए उपयोगी पड़ाव हो सकते हैं। दिल्ली से जसीडीह पहुंचने के बाद देवघर होते हुए सड़क मार्ग से हंसडीहा की ओर जाया जा सकता है। जसीडीह-देवघर-हंसडीहा-भागलपुर मार्ग पर बसें भी चलती हैं। दुमका जाने वाले यात्री जसीडीह या देवघर से उपलब्ध रेल और सड़क संपर्क की जानकारी लेकर आगे बढ़ सकते हैं।

गोड्डा जाने वालों के लिए नई दिल्ली-गोड्डा एक्सप्रेस सीधा विकल्प है, लेकिन उसके परिचालन के दिन और सीटों की उपलब्धता पहले जांचनी होगी। इसमें टिकट न मिलने पर भागलपुर या जसीडीह तक यात्रा कर वहां से आगे का रास्ता चुना जा सकता है। भीड़ को देखते हुए यात्रियों के लिए किसी एक ट्रेन पर निर्भर रहने के बजाय पूरे मार्ग की उपलब्धता पहले जांचना अधिक व्यावहारिक रहेगा।

वैकल्पिक यात्रा में अलग-अलग रेल और सड़क सेवाओं के बीच समय का तालमेल महत्वपूर्ण है। इसलिए टिकट लेने से पहले अगले पड़ाव से मिलने वाले साधन की जानकारी जुटाना उपयोगी होगा। दुमका, हंसडीहा, गोड्डा, सरैयाहाट और नोनीहाट लौटने वाले यात्री अपनी मंजिल के अनुसार भागलपुर, जसीडीह या देवघर में से उपयुक्त मार्ग चुन सकते हैं।