भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग पर भाजपा का राज्यव्यापी प्रदर्शन

जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की सीबीआई जांच और आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने की मांग को लेकर भाजपा ने कई जिलों में प्रदर्शन किया।

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रांची में भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर प्रदर्शन करते भाजपा नेता और कार्यकर्ता

रांची में भाजपा ने जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी तथा विरोध करने वाले छात्रों पर मामले दर्ज किए जाने के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यालयों और जिला मुख्यालयों के समक्ष प्रदर्शन कर भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच और छात्रों के विरुद्ध दर्ज मामले वापस लेने की मांग रखी।

राजधानी में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में कार्यकर्ता डिस्ट्रिक्ट स्कूल से शहीद चौक होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस प्रदर्शन में विधायक नवीन जायसवाल और सीपी सिंह, पूर्व सांसद दीपक प्रकाश तथा रांची की मेयर रोशनी खलखो सहित पार्टी के कई नेता शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि परीक्षा में गड़बड़ी का विरोध करने वाले छात्रों को सरकार ने निशाना बनाया। उन्होंने सीबीआई जांच और आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मामले तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई। साहू के अनुसार, पार्टी का यह आंदोलन राज्य के सभी जिलों में 11 सितंबर तक जारी रहेगा।

दुमका में विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने पिछले पांच-छह वर्षों में राज्य में हुई सभी भर्तियों की सीबीआई जांच कराने की मांग की। मरांडी ने सरकार पर रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय नौकरियां बेचने का आरोप लगाया और छात्रों पर दर्ज मामलों का विरोध किया।

हजारीबाग में पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं और छात्र समर्थकों ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया। दास ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य से जुड़ी हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर मामले दर्ज करने को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने जैसा बताया।

गढ़वा में संजय सेठ ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन का नेतृत्व करने के बाद टाउन हॉल मैदान में सभा को संबोधित किया। उन्होंने भी जेपीएससी-जेएसएससी भर्तियों की सीबीआई जांच, छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने और प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों पर कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि आंदोलन से जुड़े तीन सौ से अधिक छात्रों के विरुद्ध मामले दर्ज किए गए हैं।