रांची से पटना जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस से लापता हुए जन सुराज के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव रांची जिले के अनगड़ा क्षेत्र में बरामद हुआ है। पुलिस मौत से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 31 वर्षीय देवपालिक उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। वह अपने सहकर्मियों के साथ रांची आए थे और सोमवार को जनशताब्दी एक्सप्रेस से पटना लौट रहे थे। ट्रेन के अनगड़ा क्षेत्र में पहुंचने के दौरान वह खाने का सामान लेने के लिए अगली बोगी की ओर गए, लेकिन इसके बाद अपने साथियों के पास वापस नहीं लौटे।
साथियों ने करीब दो घंटे तक ट्रेन की अलग-अलग बोगियों में उनकी तलाश की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर मुरी स्टेशन पर शिकायत की गई और रेल मदद के माध्यम से भी मामला दर्ज कराया गया। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस की टीम उनकी खोज में जुटी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रेलवे लाइन के आसपास दोबारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान अनगड़ा प्रखंड में ट्रैक के किनारे झाड़ियों में शव मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रांची के रिम्स भेज दिया। पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
रेलवे सुरक्षा बल से जुड़े सूत्रों ने चलती ट्रेन से गिरने की आशंका जताई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच में ट्रेन से लापता होने की परिस्थितियों, शव मिलने के स्थान और यात्रा के घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने किसी आपराधिक या अन्य कारण की पुष्टि नहीं की है।
देवपालिक भारतीय जन संचार संस्थान से पढ़ाई करने के बाद मीडिया क्षेत्र में कार्य कर चुके थे और बाद में जन सुराज से जुड़े थे। संगठन ने उनकी मृत्यु पर दुख जताते हुए निष्पक्ष और गहन जांच का आग्रह किया है। मामले में आगे की स्थिति पुलिस अनुसंधान और चिकित्सकीय रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।