जमशेदपुर के सोनारी निवासी क्रिकेटर एनएन सुब्रमण्यम का भारतीय थल सेना की टेरिटोरियल आर्मी में अफसर के लिए चयन हुआ है। उन्होंने अखिल भारतीय मेधा सूची में 13वां स्थान प्राप्त किया। फिलहाल वह देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्रदान किया जाएगा।
सुब्रमण्यम इससे पहले झारखंड की अंडर-19 क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। लेग स्पिन गेंदबाज के रूप में उन्होंने वीजी ट्रॉफी और अखिल भारतीय विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया है। वह कदमा स्थित स्कूल ऑफ क्रिकेट के पूर्व कैडेट हैं और उनकी स्कूली शिक्षा केएसएमएस से हुई है।
टेरिटोरियल आर्मी अफसर एंट्री की जुलाई 2025 की प्रतियोगिता परीक्षा में देशभर से करीब दो लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लिखित परीक्षा के बाद जनवरी 2026 में प्रयागराज स्थित सेलेक्शन सेंटर ईस्ट में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड इंटरव्यू के लिए 900 अभ्यर्थियों को चुना गया था।
पांच दिन की एसएसबी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बोर्ड से 23 अभ्यर्थियों को अनुशंसा मिली। कुल 18 रिक्तियों के लिए जारी अंतिम मेधा सूची में सुब्रमण्यम ने 13वीं रैंक हासिल कर अपना स्थान सुनिश्चित किया। यह उपलब्धि उनके खेल करियर के साथ अब सैन्य सेवा की नई जिम्मेदारी भी जोड़ती है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, झारखंड के क्रिकेटरों में महेंद्र सिंह धोनी के बाद सुब्रमण्यम सेना में लेफ्टिनेंट की उपाधि पाने वाले दूसरे खिलाड़ी होंगे। दोनों उपलब्धियों की प्रकृति अलग है, क्योंकि धोनी को मानद उपाधि दी गई थी, जबकि सुब्रमण्यम का चयन प्रतियोगी प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है।
सुब्रमण्यम ने अपनी सफलता का श्रेय पिता एनवी नीलकंठ, माता मंगलम नीलकंठ, कोच राजीव नायर और पत्नी शुभ्रा नायर को दिया है। उनके चयन पर परिवार के सदस्यों, खेल प्रेमियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता जताई है। अब उनका अगला चरण सैन्य अकादमी का प्रशिक्षण पूरा करना है।