जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में आठ सितंबर को प्रस्तावित चौथे दीक्षांत समारोह से पहले पंजीकरण को लेकर छात्राओं और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया है। सीमित सीटों के कारण पंजीकरण नहीं कर पाने वाली छात्राओं ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और सभी पात्र छात्राओं को समारोह में शामिल करने की व्यवस्था करने की मांग उठाई।
छात्राओं का कहना है कि समारोह एक्सएलआरआई के प्रेक्षागृह में होना है और वहां उपलब्ध स्थान कम होने का हवाला देकर पंजीकरण पोर्टल बंद कर दिया गया। इसके कारण सैकड़ों छात्राएं पंजीकरण से वंचित रह गईं। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थान की कमी होने पर समारोह को दो अलग-अलग पालियों में आयोजित किया जा सकता है।
विवाद का दूसरा मुद्दा दीक्षांत समारोह के लिए लिया जा रहा एक हजार रुपये का शुल्क है। झारखंड छात्र मोर्चा से जुड़े कृष्ण कामत ने दावा किया कि आठों सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरते समय छात्राओं से डिग्री शुल्क पहले ही लिया जा चुका है। संगठन ने दोबारा राशि मांगे जाने को अनुचित बताते हुए इस व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की है।
झारखंड छात्र मोर्चा के कोल्हान सचिव पप्पू यादव ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। संगठन ने कहा कि शुल्क और पंजीकरण से जुड़ी समस्या का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेगा। ये शुल्क संबंधी दावे छात्राओं और संगठन की ओर से किए गए हैं; उपलब्ध विवरण में विश्वविद्यालय प्रशासन का जवाब दर्ज नहीं है।
नाराज छात्राओं ने कुलाधिपति सह राज्यपाल संतोष गंगवार को ई-मेल के जरिए शिकायत भी भेजी है। शिकायत में पंजीकरण से वंचित छात्राओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने और शुल्क के मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग रखी गई है।
फिलहाल छात्राओं की मुख्य मांग यह है कि दीक्षांत समारोह में शामिल होने की पात्रता रखने वाली किसी छात्रा को सभागार की सीमित क्षमता के कारण अवसर से वंचित न किया जाए। मामले में आगे की स्थिति विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पंजीकरण, आयोजन की व्यवस्था और शुल्क पर लिए जाने वाले निर्णय से स्पष्ट होगी।