मसलिया के धुनवासा प्राथमिक विद्यालय में पेयजल और उपयोगी शौचालय का अभाव

दुमका के धुनवासा स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को पानी के लिए करीब 500 मीटर दूर जाना पड़ रहा है। विद्यालय सचिव ने शिक्षा विभाग से सुविधाएं बहाल करने की मांग की है।

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दुमका जिले के मसलिया प्रखंड की गोलबंधा पंचायत में स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय धुनवासा बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था बंद है, शौचालय उपयोग योग्य नहीं है और परिसर के चारों ओर चहारदीवारी भी नहीं बनी है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनकी सुविधा और सुरक्षा प्रभावित होने की बात सामने आई है।

विद्यालय के सचिव इलेक्शन हांसदा के अनुसार, परिसर में कई वर्ष पहले विद्यार्थियों के लिए चापाकल की बोरिंग कराई गई थी। कुछ समय बाद बोरिंग धंस गई और चापाकल से पानी निकलना बंद हो गया। उन्होंने बताया कि यह समस्या करीब दो वर्षों से बनी हुई है और विद्यालय में अब पीने के पानी का कोई चालू स्रोत उपलब्ध नहीं है।

पानी की जरूरत पूरी करने के लिए छात्र-छात्राओं को गांव के चापाकल तक जाना पड़ता है, जो विद्यालय से करीब 500 मीटर दूर बताया गया है। मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली सहायिका को भी वहीं से पानी लाना पड़ता है। इस व्यवस्था में बच्चों और विद्यालय कर्मियों का समय लगने के साथ रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी हो रही है।

विद्यालय परिसर में बना शौचालय भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। सचिव के मुताबिक, शौचालय इस्तेमाल के योग्य नहीं रहने के कारण बच्चों को इसके लिए विद्यालय से बाहर जाना पड़ता है। पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं का एक साथ उपलब्ध नहीं होना विद्यार्थियों के लिए कठिनाई बढ़ा रहा है।

विद्यालय सड़क के किनारे स्थित है, लेकिन परिसर की चहारदीवारी नहीं है। इसके कारण मवेशियों के परिसर में आने की बात कही गई है। खुला परिसर और पास से गुजरती सड़क बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा करती है। इसके अलावा विद्यालय के कार्यालय और स्टोर रूम की चाबी नहीं मिलने के कारण इन कमरों का उपयोग नहीं हो पाने की जानकारी दी गई है।

विद्यालय सचिव ने कहा कि नए चापाकल और शौचालय के लिए शिक्षा विभाग को कई बार लिखित अनुरोध दिया जा चुका है, लेकिन अब तक पहल नहीं हुई। उन्होंने विभाग से पेयजल, उपयोगी शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं जल्द बहाल करने का आग्रह किया है। उपलब्ध विवरण में विभाग की प्रतिक्रिया या काम शुरू करने की किसी समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई है।