जमशेदपुर में अधूरी खासमहाल-गोविंदपुर सड़क को लेकर हस्ताक्षर अभियान, 3500 लोगों के समर्थन का दावा

परसुडीह के तीन स्थानों पर चलाए गए अभियान में सड़क निर्माण जल्द और तय गुणवत्ता के साथ पूरा करने की मांग उठाई गई। भाजपा ने काम पूरा होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

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परसुडीह में खासमहाल-गोविंदपुर सड़क पूरी कराने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान

जमशेदपुर के परसुडीह क्षेत्र में वर्षों से अधूरी खासमहाल-गोविंदपुर सड़क का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग को लेकर रविवार को हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। भाजपा के परसुडीह मंडल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने हिस्सा लिया। आयोजकों का दावा है कि करीब 3500 लोगों ने मांग के समर्थन में हस्ताक्षर किए।

अभियान चांदनी चौक परसुडीह, त्रिवेणी टॉवर चौक और मकदमपुर रेलवे फाटक चौक पर आयोजित किया गया। इस दौरान लोगों के सामने सड़क निर्माण की मौजूदा स्थिति और अधूरे काम के कारण हो रही परेशानियों का मुद्दा रखा गया। प्रदर्शन में स्थानीय नागरिकों के साथ पार्टी कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

अभियान का नेतृत्व भाजपा परसुडीह मंडल के अध्यक्ष सुमित कुमार शर्मा ने किया। पार्टी नेताओं ने सड़क को क्षेत्र के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि लंबे समय से निर्माण पूरा नहीं होने के कारण स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और वाहन चालकों को कठिनाई हो रही है।

भाजपा नेता राम सिंह मुंडा के अनुसार, खासमहाल-गोविंदपुर सड़क की परियोजना पर करीब 18.40 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है। उन्होंने निर्माण में पारदर्शिता रखने और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की। यह राशि और निर्माण की स्थिति कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से साझा की गई जानकारी पर आधारित है।

सुमित कुमार शर्मा ने हस्ताक्षरों को सड़क जल्द पूरी कराने की मांग के प्रति स्थानीय समर्थन बताया। उन्होंने कहा कि निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप निर्माण पूरा होने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। अभियान में जिला परिषद और पंचायत समिति से जुड़े प्रतिनिधियों सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हस्ताक्षर अभियान में मुख्य मांग अधूरे निर्माण को बिना और देरी के पूरा करने की रही। उपलब्ध विवरण में निर्माण पूरा होने की नई समयसीमा या संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। ऐसे में सड़क का शेष काम कब तक पूरा होगा, इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।