जमशेदपुर में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर साइबर ठगी का आरोप, पांच गिरफ्तार

बिरसानगर में रामगढ़ साइबर थाना और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त छापेमारी में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल, सिम और बैंक कार्ड समेत कई सामान जब्त करने की जानकारी दी है।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
जमशेदपुर में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी कथित साइबर ठगी पर पुलिस की कार्रवाई

जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन गेमिंग के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक कथित गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रामगढ़ साइबर थाना और जमशेदपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हुंगरी टोला के ओम नगर, रोड नंबर दो स्थित एक किराए के फ्लैट में छापेमारी की। पुलिस का दावा है कि यहां से ठगी से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

जमशेदपुर के ग्रामीण एसपी शुभम खंडेवाल के अनुसार, रामगढ़ साइबर थाना में दर्ज एक साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान बिरसानगर से जुड़ी सूचना मिली थी। इसके बाद रामगढ़ की टीम जमशेदपुर पहुंची और एसएसपी के नेतृत्व में गठित स्थानीय टीम के साथ छापेमारी की। मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी गई है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ‘GET&ID’ नामक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को कम रकम लगाकर बड़ा इनाम जीतने का लालच देते थे। खिलाड़ी के पैसे हारने के बाद उसे अधिक रकम लगाकर नुकसान की भरपाई करने का भरोसा दिलाया जाता था। पुलिस का आरोप है कि इस तरीके से लोगों से प्रतिदिन करीब पांच लाख रुपये की ठगी की जाती थी।

गिरफ्तार लोगों की पहचान एम. भानु प्रकाश, मो. फरहान, राहुल मिंज, अभिषेक राज और श्रवण सोना के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, सभी जमशेदपुर के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह में विज्ञापन, ऑनलाइन नेटवर्क संचालन और भुगतान के लेन-देन के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय थीं।

छापेमारी में पांच लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, 67 सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों के 102 एटीएम और डेबिट कार्ड तथा नौ बैंक पासबुक जब्त की गईं। पुलिस ने चार रजिस्टर और नोटबुक, एक वाई-फाई राउटर, 8,440 रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल भी बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस का कहना है कि कथित गिरोह के संपर्क दूसरे राज्यों तक फैले हो सकते हैं। ठगी से प्राप्त रकम को फर्जी बैंक खातों में भेजने और एटीएम कार्ड से निकालने का आरोप भी लगाया गया है। मुख्य सरगना की पहचान और पूरे नेटवर्क की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है; आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।