जमशेदपुर में पूर्व मंत्री और झारखंड आंदोलनकारी दुलाल भुइयां ने डुमरी विधायक जयराम महतो के समर्थन में अपनी बात रखी है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने पुलिस-प्रशासन के व्यवहार पर सवाल उठाए और कहा कि जनता के साथ संवाद तथा आचरण में सुधार की जरूरत है।
भुइयां ने झारखंड पुलिस एसोसिएशन की भूमिका पर भी प्रश्न किया। उनका कहना था कि किसी प्रकरण में जल्दबाजी के साथ सार्वजनिक बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने एसोसिएशन से पुलिसकर्मियों के भविष्य के व्यवहार को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।
पूर्व मंत्री ने सवाल किया कि क्या एसोसिएशन यह लिखित भरोसा दे सकता है कि आगे पुलिस की ओर से आम लोगों के साथ गाली-गलौज या दुर्व्यवहार नहीं होगा। ये बातें भुइयां की ओर से रखे गए सवाल और दावे हैं; उपलब्ध विवरण में पुलिस या एसोसिएशन की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।
अपनी बात के समर्थन में उन्होंने अलग झारखंड राज्य के आंदोलन के समय हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया। भुइयां ने दावा किया कि उस दौर में आंदोलनकारियों को मारपीट और अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था को अतीत के ऐसे अनुभवों से सीख लेनी चाहिए।
भुइयां के अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम नागरिकों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति दमनकारी रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता। बातचीत के दौरान उन्होंने पुलिस से अपने आचरण की समीक्षा करने और लोगों के साथ बेहतर व्यवहार अपनाने की अपील की।