जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के सामने सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। घटना में दोनों पक्षों के नेताओं को सिर में चोट लगने की सूचना है। हालात संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा दोनों समूहों को पीछे हटाया।
भाजपा महिला मोर्चा ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जी टाउन मैदान से कांग्रेस कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारी एक कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। मार्च में महिला कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा के कई पुरुष नेता भी शामिल थे। कांग्रेस कार्यकर्ता अपने कार्यालय के सामने मौजूद थे और इसी दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
घटनास्थल पर पत्थरबाजी होने की बात सामने आई है, लेकिन इसकी शुरुआत किस ओर से हुई, इसे लेकर दोनों दलों के दावे अलग-अलग हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से पत्थर फेंके गए। भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू ने इसके विपरीत कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
झड़प में कांग्रेस के जमशेदपुर ग्रामीण प्रखंड के पूर्व अध्यक्ष मनोज उपाध्याय और भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार के सिर में चोट लगने की जानकारी दी गई है। घटना बढ़ने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। सिटी एसपी और धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी भी मौके पर आए, जबकि स्थिति नियंत्रित करने के लिए वज्र वाहन तैनात किया गया।
कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अवधेश सिंह ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन को पार्टी कार्यालय तक पहुंचने से पहले रोका जाना चाहिए था। उनका दावा था कि कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शनकारियों के लिए मिठाई और गुलाब के फूल लेकर इंतजार कर रहे थे। वहीं, भाजपा पक्ष ने कांग्रेस पर योजनाबद्ध तरीके से पत्थरबाजी करने का आरोप लगाया।
अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के लिए दी गई संख्या के आधार पर पुलिस की तैनाती की गई थी, लेकिन महिला मोर्चा के साथ पुरुष कार्यकर्ता भी पहुंच गए। प्रशासन ने घटना की जांच कराने और पत्थरबाजी के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जांच पूरी होने तक दोनों पक्षों के आरोप दावे ही माने जाएंगे।