जमशेदपुर पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान एक संगठित गिरोह का खुलासा करने का दावा किया है। कार्रवाई में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अलग-अलग स्थानों से 21 कथित चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बरामद वाहनों के इंजन और चेसिस नंबरों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर की रात करीब 11 बजे बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में पीएम मॉल के पास दो युवकों के चोरी की स्कूटी के साथ घूमने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक नगर की निगरानी और डीएसपी सीसीआर के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल बनाया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्कूटी सवार दो संदिग्धों को पकड़ा।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और पकड़े गए लोगों की निशानदेही के आधार पर बागबेड़ा, पोटका और कोवाली थाना क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की गई। इसी अभियान में कुल 21 दोपहिया वाहन बरामद हुए और कथित नेटवर्क से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में महेश कुमार उर्फ गोलू, मुनीराम मुर्मू, कारू मार्डी, विक्रांत साहनी, विक्रम साहनी, अशोक पात्रो, पेलाराम सरदार और काशीनाथ सरदार शामिल हैं।
प्रारंभिक पुलिस जांच के मुताबिक, गिरोह के सदस्य बिष्टुपुर के भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाते थे। पुलिस ने जुबली पार्क, नेचर पार्क, पीएम मॉल और नॉर्थ पार्किंग क्षेत्र का उल्लेख उन स्थानों के रूप में किया है, जहां से बाइक और स्कूटी चोरी किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के दावे के अनुसार, चोरी के बाद वाहनों की पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट और पंजीकरण संख्या बदल दी जाती थी। इसके बाद इन वाहनों को पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण इलाकों के साथ पड़ोसी ओडिशा के विभिन्न गांवों में बेच दिया जाता था। इन तथ्यों की आगे की जांच की जा रही है।
बरामद वाहनों के वास्तविक स्वामित्व का पता लगाने के लिए तकनीकी विवरणों का मिलान महत्वपूर्ण होगा। इंजन और चेसिस नंबरों की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि वाहन किन मामलों से जुड़े हैं। गिरफ्तार लोगों के खिलाफ आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।