गिरिडीह जिले के जमुआ में कंदाजोर तालाब के पास स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड नहीं होने से वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी हो रही है। गिरिडीह-पचम्बा-चित्तरडीह-जमुआ मार्ग से जमुआ तथा कोडरमा की ओर जाने वाले कई वाहन रास्ते की सही पहचान नहीं कर पा रहे हैं।
प्रकाशित विवरण के अनुसार, मुख्य मार्ग पर पर्याप्त दिशा-निर्देश नहीं मिलने के कारण जमुआ की ओर जाने वाले वाहन भ्रमित होकर मिर्जागंज-देवघर मार्ग पर आगे बढ़ जाते हैं। गलती का पता चलने के बाद चालकों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करके वापस सही रास्ते पर लौटना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि इस स्थिति से यात्रियों का समय और ईंधन दोनों खर्च हो रहे हैं। अनजान मार्ग पर पहुंचने के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। रात में बाहर से आने वाले चालकों के लिए सही रास्ता चुनना अधिक कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्या की जानकारी पहले भी दी गई, लेकिन कंदाजोर तालाब के पास अब तक नया दिशा-सूचक बोर्ड नहीं लगाया गया। उनकी मांग है कि इस स्थान के साथ प्रमुख मोड़ों पर भी स्पष्ट और आसानी से दिखाई देने वाले बोर्ड लगाए जाएं।
आजसू पार्टी के जिला कार्यकारी अध्यक्ष शंकर यादव ने भी इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि विभाग ने जल्द दिशा-निर्देश बोर्ड लगाने की कार्रवाई नहीं की तो पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से बोर्ड लगाने की समयसीमा या किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संकेतक लगने से जमुआ और कोडरमा की ओर जाने वाले यात्रियों को सही दिशा मिलेगी तथा गलत मार्ग पर होने वाली अतिरिक्त यात्रा से राहत मिलेगी।