जरीडीह में पानी-बिजली की मांग पर ग्रामीणों ने रोका कोयला परिवहन, वार्ता में मिला आश्वासन

बेरमो के जरीडीह पूर्वी और पश्चिमी पंचायत के ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर चक्का जाम किया। त्रिपक्षीय वार्ता में पेयजल कार्य के प्रस्ताव और पुनर्वास स्थलों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के प्रयास की बात कही गई।

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बोकारो जिले के बेरमो प्रखंड में जरीडीह पूर्वी और पश्चिमी पंचायत के ग्रामीणों ने बिजली, शुद्ध पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर मंगलवार को आंदोलन किया। जरीडीह के अब्दुल हमीद चौक पर सड़क जाम किए जाने से कोयला परिवहन रुक गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

आंदोलन में दोनों पंचायतों के ग्रामीणों के साथ व्यवसायी और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। वे जुलूस की शक्ल में चौक पहुंचे और सड़क पर बैठ गए। आंदोलन के दौरान स्थानीय व्यवसायियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इसके बाद प्रदर्शनकारी बोकारो कोलियरी की डीडी माइंस पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर सीसीएल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जताई।

ग्रामीण प्रतिनिधियों का कहना था कि दोनों पंचायतें सीसीएल के पोषक क्षेत्र में आती हैं, लेकिन वहां बिजली और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। उन्होंने इन मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में संघर्ष जारी रखने की बात कही। जरीडीह बाजार बेरमो कोयलांचल की प्रमुख व्यावसायिक मंडियों में शामिल है।

आंदोलन के दौरान गांधीनगर थाना प्रभारी धनंजय कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। बाद में शाम को करगली ऑफिसर्स क्लब में प्रशासन, सीसीएल प्रबंधन और ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। इसमें अंचल अधिकारी संजीत कुमार सिंह और सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार झा शामिल हुए।

वार्ता में महाप्रबंधक ने बताया कि सीसीएल अपने कल्याण मद से पेयजल समेत जनहित के कार्यों पर राशि खर्च करता है। उन्होंने दोनों पंचायतों के मुखिया से आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव प्रबंधन को देने को कहा। इससे पेयजल संबंधी मांगों पर आगे की प्रक्रिया का रास्ता खुलने की बात सामने आई।

घर-घर बिजली उपलब्ध कराने की मांग पर प्रबंधन ने कहा कि इसके लिए सीसीएल के पास प्रावधान नहीं है। हालांकि, कंपनी के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन स्थलों पर स्ट्रीट लाइट उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही गई। आंदोलन के बाद अब स्थानीय लोगों की निगाह प्रस्ताव और आश्वासन पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर रहेगी।