जसीडीह रेल बाइपास लाइन का आज उद्घाटन, कई ट्रेनों को रिवर्सल से मिलेगी राहत

देवघर में जसीडीह की नई रेल बाइपास लाइन शुरू होने से रांची-दुमका समेत कई ट्रेनों को स्टेशन पर इंजन बदलने और अनिवार्य ब्रेक परीक्षण की प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

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जसीडीह रेल बाइपास लाइन का निरीक्षण करतीं पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पाण्डेय

देवघर में पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत तैयार जसीडीह रेल बाइपास लाइन का शुक्रवार को उद्घाटन होगा। नई लाइन चालू होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाली कई ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर रिवर्सल की प्रक्रिया पूरी नहीं करनी पड़ेगी। इससे यात्री और मालगाड़ी परिचालन में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है।

उद्घाटन से पहले गुरुवार रात पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पाण्डेय ने रेल अधिकारियों के साथ परियोजना की तैयारियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। रेल प्रशासन के अनुसार परियोजना के उद्घाटन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

नई बाइपास लाइन जसीडीह के मुख्य स्टेशन को बाइपास करते हुए कुमड़ाबाद रोहिणी और देवघर को सीधे जोड़ती है। अब तक इस मार्ग की ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन जाना पड़ता था। वहां इंजन को ट्रेन के एक छोर से हटाकर दूसरे छोर पर जोड़ने के बाद अनिवार्य ब्रेक परीक्षण किया जाता था।

इस प्रक्रिया के कारण ट्रेन को आगे रवाना करने से पहले अतिरिक्त समय लगता था। बाइपास लाइन शुरू होने पर रांची-दुमका समेत कई ट्रेनें जसीडीह में रिवर्सल किए बिना सीधे अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकेंगी। इससे रेल परिचालन को अधिक सुगम बनाने और यात्रियों का समय बचाने में मदद मिलने की बात कही गई है।

परियोजना से मालगाड़ियों की आवाजाही को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। सीधे रेल संपर्क के कारण माल परिवहन की प्रक्रिया तेज हो सकती है, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक आपूर्ति शृंखला और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई को सुविधा मिलेगी।

जसीडीह देवघर और संताल परगना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण रेल संपर्क बिंदु है। नई लाइन के संचालन से यात्री सुविधा, रेल परिचालन की दक्षता और माल ढुलाई व्यवस्था में सुधार की संभावना है। उद्घाटन के बाद बाइपास मार्ग से संबंधित ट्रेनों का परिचालन नई व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।