मुरहू में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों से चिंता, विशेष अभियान चलाने की मांग

खूंटी के मुरहू प्रखंड में राहगीरों और मवेशियों पर आवारा कुत्तों के हमलों की शिकायतें बढ़ी हैं। स्थानीय लोगों ने त्योहारों से पहले प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
खूंटी के मुरहू में आवारा कुत्तों की समस्या से चिंतित स्थानीय लोग

खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाजारों, सड़कों, दुकानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों के झुंड दिखाई देने की शिकायत है। ग्रामीणों का कहना है कि इनके कारण पैदल चलने वालों के साथ ही मवेशियों और पालतू जानवरों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुत्ते कई बार झुंड बनाकर राहगीरों तथा जानवरों के पीछे दौड़ते हैं। बाइक सवारों पर अचानक झपटने की घटनाओं की भी शिकायत की गई है। लोगों का कहना है कि ऐसी स्थितियों में कुछ राहगीर घायल हुए हैं। रात में आवाजाही करने वालों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मुरहू स्थित स्वास्थ्य केंद्र में कुत्तों के काटने से पीड़ित लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। लगातार सामने आ रही शिकायतों के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में ऐसे मामलों की कुल संख्या नहीं बताई गई है।

कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रांची में पकड़े गए आवारा कुत्तों को खूंटी के जंगलों में छोड़ा जाता है। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बिना इसे स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इस आशंका पर संबंधित विभागों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

मुरहू के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने मुरहू पंचायत समेत पूरे प्रखंड में अभियान चलाकर आवारा और आक्रामक कुत्तों को डॉग रिकवरी वैन से पकड़ने तथा सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा है।

आगामी त्योहारों के दौरान बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोग जल्द कार्रवाई चाहते हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन समय रहते समस्या का आकलन करे और राहगीरों, ग्रामीणों तथा मवेशियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए।