देवघर में पटना-हावड़ा रेलखंड पर बने जसीडीह रेल बाईपास का रेल सुरक्षा आयुक्त ने निरीक्षण पूरा कर लिया है। करीब पांच किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन पर निर्माण कार्य, गेज और परिचालन सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच की गई। निरीक्षण के उपलब्ध विवरण के मुताबिक इस दौरान कोई कमी सामने नहीं आई।
रेल सुरक्षा आयुक्त गुरु प्रकाश ने अपनी टीम के साथ कुमराबाद रोहिणी से देवघर लिंक केबिन तक मोटर ट्रॉली से लाइन का जायजा लिया। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर उतरकर निर्माण कार्य को देखा और केबिन के पास गेज की माप भी कराई। इसके बाद देवघर लिंक केबिन और रोहिणी के बीच स्पीड ट्रायल किया गया।
रेल अधिकारियों को अब निरीक्षण रिपोर्ट और अनापत्ति प्रमाणपत्र का इंतजार है। मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी, निर्माण, मनोज खां के अनुसार एक-दो दिन में रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। एनओसी मिलने के बाद बाईपास के उद्घाटन की तारीख निर्धारित की जाएगी। निरीक्षण के समय रेलवे के अधिकारी और अभियंता भी मौजूद रहे।
नई लाइन के निर्माण में चट्टानों को काटना बड़ी चुनौती थी। सामान्य मशीनों से पत्थर नहीं कटने पर विशेष रासायनिक तकनीक की मदद ली गई। रेल अधिकारियों के अनुसार परियोजना में मजबूत कंक्रीट दीवार का निर्माण भी कठिन काम था, जिसे रेलवे के अभियंताओं ने पूरा किया।
परियोजना के दौरान करीब 300 पेड़ काटे गए थे। इसके बदले रेलवे ने निर्धारित संख्या से पांच गुना पौधारोपण के लिए राज्य सरकार को राशि दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार रेलवे की ओर से भी करीब 1,500 पौधे लगाए जा रहे हैं।
बाईपास चालू होने के बाद कोलकाता समेत अन्य प्रमुख स्थानों से आने वाली ट्रेनों को जसीडीह में इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी इस प्रक्रिया में करीब एक से डेढ़ घंटे लगते हैं। नई लाइन से परिचालन समय में इतनी ही बचत होने और यात्रियों का इंतजार घटने की उम्मीद जताई गई है।