जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट पर सुरक्षा विस्तार का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। कदमा की ओर बनाई गई वैकल्पिक सड़क चालू हो चुकी है, जबकि सोनारी की तरफ चहारदीवारी बढ़ाने और नई सड़क तैयार करने का काम जारी है। निर्माण तय समय पर पूरा होने की स्थिति में दुर्गापूजा से पहले इस रास्ते पर आवाजाही शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।
एयरपोर्ट के आसपास हो रहे बदलाव का उद्देश्य विमान परिचालन के लिए जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा करना है। रनवे पुरानी चहारदीवारी के काफी करीब है और उसके दोनों ओर सड़कें गुजरती हैं। इस व्यवस्था को सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाने के लिए एयरपोर्ट की सीमा तथा आसपास के मार्गों में बदलाव किया जा रहा है।
परियोजना के तहत रनवे की मूल लंबाई बढ़ाने के बजाय उसके आसपास के सुरक्षा क्षेत्र को व्यवस्थित किया जा रहा है। सोनारी से सर्किट हाउस और बिष्टुपुर की ओर जाने वाली सड़क को हल्का घुमाव भी दिया गया है। अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीम निर्माण तथा तकनीकी कार्यों में लगी है।
विस्तार के कारण आसपास के मैदान पर पड़ने वाले प्रभाव को संतुलित करने की योजना भी बनाई गई है। मैदान का जितना हिस्सा काम की सीमा में आएगा, उतनी जमीन दूसरी ओर से जोड़ने की बात कही गई है। इससे मैदान की मौजूदा लंबाई और चौड़ाई बनाए रखने का प्रयास होगा। पास के चर्च पर असर नहीं पड़ने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
सुरक्षा संबंधी काम पूरा होने के बाद सोनारी से छोटे विमानों की सेवा दोबारा शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। पहले यहां से अलग-अलग कंपनियों ने कोलकाता और भुवनेश्वर जैसे शहरों के लिए उड़ानें चलाई थीं, लेकिन कम यात्री संख्या और अधिक परिचालन लागत के कारण सेवाएं लंबे समय तक जारी नहीं रह सकीं।
सोनारी एयरपोर्ट का रनवे एटीआर-72 या एयरबस जैसे बड़े यात्री विमानों के संचालन के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए यहां से संभावित सेवा छोटे विमानों तक सीमित रह सकती है। फिलहाल उड़ान शुरू होने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है और आगे की स्थिति सुरक्षा मानकों तथा शेष निर्माण कार्य पूरा होने पर निर्भर करेगी।