जामताड़ा में सावित्रीबाई फुले योजना के 8,480 आवेदन लंबित, स्कूलों को सात दिन की समयसीमा

जामताड़ा शिक्षा विभाग ने विद्यालय स्तर पर लंबित आवेदनों को सात दिनों के भीतर ई-विद्यावाहिनी से सीडीपीओ पोर्टल पर भेजने का निर्देश दिया है।

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जामताड़ा में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के लंबित आवेदनों से संबंधित प्रतीकात्मक दृश्य

जामताड़ा जिले में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के लंबित आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय रिपोर्ट में लंबित आवेदनों की संख्या 8,480 बताई गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम ने मध्य, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सात दिनों के भीतर जरूरी प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।

जिले में योजना के तहत 24,566 छात्राओं को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 21,052 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 16,086 आवेदन विद्यालय स्तर से सीडीपीओ लॉगिन तक अग्रसारित किए जा चुके हैं। पात्र छात्राओं के जिला स्तर से अनुमोदित आवेदनों पर भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू होने की जानकारी दी गई है।

विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे लंबित आवेदन प्राथमिकता के आधार पर ई-विद्यावाहिनी पोर्टल से सीडीपीओ पोर्टल पर भेजें। विभाग का उद्देश्य पात्र छात्राओं को निर्धारित आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध कराना है। प्रखंड और संकुल स्तर के अधिकारियों को भी विद्यालयों से समन्वय कर लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

योजना के प्रावधान के अनुसार कक्षा आठवीं और नौवीं की पात्र छात्राओं को 2,500 रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है। कक्षा 10वीं से 12वीं तक की पात्र छात्राओं के लिए यह राशि 5,000 रुपये है। यह योजना पात्र किशोरियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

प्रखंडवार आंकड़ों में नाला की प्रगति सबसे अधिक बताई गई है, जहां लक्ष्य के मुकाबले 86 प्रतिशत आवेदन सीडीपीओ लॉगिन तक पहुंचाए गए हैं। फतेहपुर और कुंडहित में यह अनुपात 70-70 प्रतिशत है। जामताड़ा प्रखंड में 64 प्रतिशत, नारायणपुर में 60 प्रतिशत और करमाटांड़ में 52 प्रतिशत आवेदन अग्रसारित किए गए हैं।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय अवधि के भीतर विद्यालय स्तर पर अटके आवेदनों को आगे भेजा जाए, ताकि प्रक्रिया में देरी के कारण कोई पात्र छात्रा लाभ से वंचित न रहे। पत्र में लक्ष्य के अनुरूप लाभ नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित संकुल या प्रखंड के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की बात भी कही गई है।