जामताड़ा में 1 अक्टूबर से निष्क्रिय और दोहरे राशन लाभार्थियों की पहचान होगी शुरू

स्मार्ट-पीडीएस व्यवस्था में छह महीने से खाद्यान्न नहीं लेने वाले कार्ड और आधार मिलान में मिले दोहरे लाभार्थी चिह्नित होंगे। सत्यापन के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा।

2 मिनट पढ़ें 2 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

जामताड़ा जिले में स्मार्ट-पीडीएस के तहत निष्क्रिय राशन कार्ड और दोहरे लाभार्थियों की पहचान की नई व्यवस्था 1 अक्टूबर से लागू होगी। जिला प्रशासन के अनुसार इसका उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और पात्रता नहीं रखने वाले लोगों को लाभ मिलने से रोकना है। विभाग ने कार्डधारकों से समय रहते ई-केवाईसी पूरी कराने को कहा है।

नई व्यवस्था में उन राशन कार्डों को निष्क्रिय श्रेणी में चिह्नित किया जाएगा, जिनसे लगातार छह महीने तक खाद्यान्न नहीं लिया गया हो। ऐसे कार्डों की पहचान प्रत्येक महीने की 21 तारीख को होगी और अगले महीने की पहली तारीख से वे स्वतः निष्क्रिय हो जाएंगे।

निष्क्रिय किए गए कार्डधारकों को ई-केवाईसी और भौतिक सत्यापन कराने के लिए तीन महीने का समय मिलेगा। निर्धारित अवधि में दोनों प्रक्रियाएं पूरी नहीं होने पर संबंधित राशन कार्ड स्थायी रूप से निरस्त किया जाएगा। इस कारण प्रशासन ने कार्डधारकों को प्रक्रिया लंबित नहीं रखने की सलाह दी है।

आधार विवरण के मिलान में एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए जाने वाले लाभार्थियों को भी अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जाएगा। इसकी सूचना परिवार के मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिये भेजी जाएगी। ऐसे लाभार्थियों को भी अपना पक्ष रखने और सत्यापन कराने के लिए तीन महीने की मोहलत मिलेगी।

सत्यापन में पात्रता सही मिलने पर लाभार्थी को एक वैध राशन कार्ड में सक्रिय रखा जाएगा, जबकि अन्य स्थान से उसका नाम हटा दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के जरिये दोहरी प्रविष्टियों को हटाते हुए पात्र व्यक्ति की मान्य प्रविष्टि बनाए रखने की व्यवस्था की गई है।

जिला प्रशासन ने राशन कार्डधारकों से नजदीकी राशन डीलर की दुकान या प्रज्ञा केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी पूरी कराने की अपील की है। प्रशासन के मुताबिक समय पर प्रक्रिया पूरी करने से कार्ड निष्क्रिय होने, राशन रुकने और बाद में सत्यापन के लिए अनावश्यक भागदौड़ की स्थिति से बचा जा सकेगा।