जितिया पर्व से पहले धनबाद के खुदरा बाजारों में पारंपरिक हरी सब्जियों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुराना बाजार, बरटांड और पुलिस लाइन की मंडियों में खरीदारी के लिए सुबह से भीड़ रही। बाजार की रिपोर्ट के अनुसार, सत्पुतिया झींगा का भाव 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।
खीरा अलग-अलग दुकानों पर 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक बेचा गया, जबकि सामान्य फूलगोभी की कीमत 100 रुपये प्रति पीस बताई गई। मड़ुआ का आटा भी 120 रुपये प्रति किलो तक बिका। अलग-अलग बाजारों में इन कीमतों में पांच से दस रुपये तक का अंतर होने की संभावना बताई गई है।
स्थानीय विक्रेताओं के मुताबिक, पर्व के कारण मांग बढ़ना कीमतों में उछाल की एक वजह है। एक सब्जी कारोबारी ने यह भी कहा कि हाल में हुई लगातार बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा और मंडी में आवक घट गई। ये कारण व्यापारियों के आकलन पर आधारित हैं।
बाजार में सबसे बड़ा बदलाव सत्पुतिया झींगा के भाव में बताया गया। सामान्य दिनों में इसके 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिकने की जानकारी दी गई है, लेकिन पर्व की मांग के बीच कीमत 400 रुपये तक पहुंच गई। करीब 60 रुपये किलो रहने वाला खीरा भी कई गुना महंगा मिला।
जितिया के अनुष्ठान में नोनी, पोई और गिरधारी साग के साथ कंदा, ओल, सत्पुतिया तथा मड़ुआ की रोटी के इस्तेमाल की स्थानीय परंपरा है। श्रद्धालु परिवार इन खाद्य वस्तुओं को पर्व से जुड़ी पूजा और भोग के लिए खरीदते हैं। इसी वजह से कुछ खास सब्जियों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रही।
खरीदारी करने पहुंची एक श्रद्धालु ने बताया कि ओठगन और पारण के समय मड़ुआ का आटा, नोनी साग, कंदा और सत्पुतिया जैसी वस्तुएं जरूरी मानी जाती हैं। बढ़ी कीमतों के बावजूद धार्मिक जरूरतों के कारण लोगों ने खरीदारी जारी रखी। इससे धनबाद की प्रमुख मंडियों में दिनभर गहमागहमी बनी रही।