जेएसएससी सीजीएल जांच में कोडरमा के दो युवक गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए

सीआईडी की एसआईटी ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में कोडरमा के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। अदालत में पेशी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
जेएसएससी सीजीएल मामले की जांच में कोडरमा से दो युवकों की गिरफ्तारी

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम ने कोडरमा के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राजेश प्रसाद यादव और संदीप कुमार के रूप में बताई गई है। अदालत में पेश किए जाने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजेश प्रसाद यादव यूट्यूबर हैं, जबकि संदीप कुमार एक सामाजिक ट्रस्ट का संचालन करते हैं। दोनों पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने और कथित तौर पर ‘सेटिंग’ कराने का आरोप है। ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और दोनों की भूमिका के संबंध में आगे की पड़ताल जारी है।

सीआईडी के मुताबिक, मामले में पहले गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के दौरान दोनों के कथित संपर्कों के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद जांच दल ने कोडरमा जिले में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। राजेश को डोमचांच थाना क्षेत्र के गोलवाढाब और संदीप को कोडरमा थाना क्षेत्र के पूर्णानगर से हिरासत में लिया गया था।

दोनों को पूछताछ के लिए रांची स्थित सीआईडी मुख्यालय लाया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब तीन दिनों की पूछताछ के बाद मंगलवार को उनकी औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई। जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन, अभ्यर्थियों से संपर्क और परीक्षा में कथित अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

जांच एजेंसी का दावा है कि पूछताछ के दौरान वित्तीय लेन-देन और अभ्यर्थियों से संबंधित प्रश्न किए गए। दोनों पर अपेक्षित सहयोग नहीं करने और कुछ मामलों में जांच दल को गुमराह करने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि इन दावों पर आरोपियों का पक्ष उपलब्ध विवरण में सामने नहीं आया है।

एसआईटी अब दोनों के कथित नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। उपलब्ध सूचना के अनुसार, पूछताछ और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के आधार पर मामले में आगे भी कार्रवाई हो सकती है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।