झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में कथित पेपर लीक और अनियमितता की जांच के सिलसिले में सीआईडी ने बोकारो से सुरेश राय को गिरफ्तार किया है। वह दुग्दा स्थित न्यू बीसीसीएल कॉलोनी के एम 25/3 क्वार्टर के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सीआईडी के आरोप के अनुसार, सुरेश राय ने अपने घर में 30 से 35 अभ्यर्थियों को परीक्षा के प्रश्न और उत्तर रटवाए थे। जांच एजेंसी ने उन्हें प्राथमिकी में बाद में जोड़ा गया अभियुक्त बताया है। इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपितों की संख्या 39 हो गई है।
जांच में सुरेश राय और उनके बेटे उमेश राय के बैंक खातों में आई रकम की भी पड़ताल की जा रही है। सीआईडी को 22 जनवरी 2026 को सुरेश राय के खाते में 14 लाख रुपये और उमेश राय के खाते में पांच लाख रुपये आने की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी के स्तर से आशंका जताई गई है कि यह राशि अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर रटवाने के बदले मिली थी। इस दावे पर आगे की जांच जारी है।
सीआईडी इससे पहले सुरेश राय के बेटे उमेश राय और दामाद दीपक कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, दोनों परीक्षा में सफल अभ्यर्थी थे। उमेश और दीपक के साथ दो अन्य सफल अभ्यर्थियों आनंद कुमार सिंह तथा विजय कुमार तिवारी को 28 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।
मामले की जांच सीआईडी थाने में एक जनवरी 2025 को दर्ज कांड संख्या 01/2025 के आधार पर चल रही है। इसी क्रम में बिहार से गिरफ्तार किए गए दो कथित एजेंटों—राजन कुमार और मनु कुमार सिंह—से तीन दिनों तक रिमांड पर पूछताछ की गई। अवधि पूरी होने पर दोनों को फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इन दोनों पर अभ्यर्थियों को कोलकाता ले जाकर प्रश्न और उत्तर रटवाने का आरोप है। सीआईडी ने पूछताछ के दौरान अभ्यर्थियों से कथित वसूली और इससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई है। सभी आरोप फिलहाल जांच का विषय हैं और प्रकरण में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से तय होगा।