रांची में सीआईडी ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े अलग-अलग मामलों में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें लालपुर स्थित शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार और जेएसएससी सीजीएल मामले में नाम सामने आने वाला दिलीप कुमार पासवान शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, संजीत कुमार की गिरफ्तारी जेपीएससी परीक्षा से जुड़े प्रकरण में की गई है। वहीं दिलीप को सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ पूरी होने के बाद सीआईडी ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दिलीप मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के खड़ाईचा का निवासी बताया गया है और फिलहाल पश्चिम बंगाल के आसनसोल की केन्दा कॉलोनी में रह रहा था।
सीआईडी की जांच में आरोप है कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को आसनसोल के एक होटल में ठहराया गया और उन्हें प्रश्नों के उत्तर याद कराए गए। जांच के दौरान करीब एक दर्जन सफल अभ्यर्थियों से मिली जानकारी में दिलीप का नाम सामने आने की बात कही गई है। एजेंसी को उससे पैसे की वसूली से जुड़े साक्ष्य मिलने का भी दावा है।
पूछताछ के दौरान दिलीप ने दो अन्य लोगों के नाम बताए हैं, जिनके माध्यम से कथित तौर पर परीक्षा में आने वाले प्रश्न और उनके उत्तर उसे उपलब्ध हुए थे। इन दावों की जांच अभी चल रही है। सीआईडी का कहना है कि मामले में अलग-अलग समूह सक्रिय थे, जो अभ्यर्थियों तक प्रश्न और उत्तर पहुंचाकर उनसे रकम लेते थे।
जांच में पश्चिम बंगाल के नियामतपुर और पटना से जुड़ी कुछ समान कड़ियां भी सामने आने का दावा किया गया है। सीआईडी इससे पहले अनीश और पटना निवासी राजन कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी के मुताबिक, दोनों पर अभ्यर्थियों को नियामतपुर ले जाकर प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने के आरोप हैं।
दो नई गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा उन लोगों तक बढ़ सकता है, जिनके नाम पूछताछ में सामने आए हैं। फिलहाल संबंधित आरोप न्यायिक प्रक्रिया में प्रमाणित होना बाकी हैं। सीआईडी उपलब्ध साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कथित पेपर लीक से जुड़ी अलग-अलग कड़ियों की पड़ताल कर रही है।