धनबाद रेल मंडल के दो अलग-अलग रेल खंडों में ओवरहेड विद्युत तार और उससे जुड़े उपकरण काटे जाने के कारण सोमवार को यात्री ट्रेन सेवा प्रभावित हुई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुसुंडा-तेतुलमारी लिंक लाइन और टोरी-शिवपुर रेल खंड में हुई इन घटनाओं से कोल एरिया बोर्ड में लगातार ओएचई ट्रिपिंग की स्थिति बनी। मरम्मत पूरी होने के बाद रेल परिचालन बहाल कर दिया गया।
पहली घटना धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग पर स्थित कुसुंडा स्टेशन से जुड़ी कुसुंडा-तेतुलमारी लिंक लाइन की बताई गई है। यहां एंटी क्रिप वायर काटा गया था। सुबह करीब सात बजे इंजीनियरिंग विभाग के कीमैन ने इसकी सूचना दी, जिसके बाद संबंधित विभाग के कर्मचारी प्रभावित हिस्से में पहुंचे और तार जोड़ने का काम शुरू किया।
दूसरी घटना टोरी-शिवपुर रेल खंड में कटोतिया साइडिंग के पास सामने आई। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, वहां आठ स्पान के कॉन्टैक्ट वायर और ओवरहेड फिटिंग काटी गई। दोनों स्थानों पर उपकरणों को हुए नुकसान के चलते विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में बार-बार ट्रिपिंग हुई और रेलकर्मियों को परिचालन सामान्य करने के लिए मरम्मत करनी पड़ी।
ओवरहेड व्यवस्था प्रभावित होने का असर यात्री ट्रेनों पर भी पड़ा। धनबाद से रवाना हुई रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस को कुसुंडा के पास रोकना पड़ा। वहीं, जयनगर-राउरकेला एक्सप्रेस धनबाद स्टेशन पर काफी देर तक खड़ी रही। रिपोर्ट में अन्य यात्री ट्रेनों के भी अलग-अलग स्टेशनों पर रुकने की बात कही गई है।
ओएचई यानी ओवरहेड विद्युत उपकरण इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए जरूरी होते हैं। ऐसे में तार या फिटिंग क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित खंड में बिजली आपूर्ति और ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इस मामले में उपलब्ध जानकारी केवल उपकरण काटे जाने, ट्रिपिंग और परिचालन पर पड़े प्रभाव तक सीमित है; किसी संदिग्ध की पहचान या गिरफ्तारी का विवरण सामने नहीं आया है।
रेल कर्मचारियों ने प्रभावित हिस्सों की मरम्मत कर ओवरहेड व्यवस्था को फिर चालू किया। इसके बाद रोकी गई ट्रेनों का परिचालन बहाल हो सका। घटनाओं के कारण यात्रियों को प्रतीक्षा करनी पड़ी, हालांकि उपलब्ध विवरण में कुल प्रभावित ट्रेनों की संख्या या प्रत्येक ट्रेन के विलंब की अवधि नहीं बताई गई है।