धनबाद से जुड़े कोयला श्रमिकों के वेतन और सेवा शर्तों पर वार्ता के लिए प्रस्तावित 12वीं संयुक्त द्विपक्षीय समिति यानी जेबीसीसीआई-12 के गठन की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं। कोल इंडिया प्रबंधन ने समिति के गठन की अनुमति के लिए कोयला मंत्रालय को पत्र भेजने का आश्वासन दिया है।
कोलकाता स्थित कोल इंडिया मुख्यालय में गुरुवार को शीर्षस्थ संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम ने की। बैठक में प्रबंधन और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने जेबीसीसीआई-12 के गठन, श्रम संहिता और कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
बैठक में बताया गया कि एक जुलाई 2026 से कोयला श्रमिकों की वेतन बढ़ोतरी देय है और इसका लाभ करीब 2.10 लाख कर्मचारियों को मिलना है। जेबीसीसीआई-12 बनने के बाद वेतन, सेवा शर्तों, औद्योगिक संबंधों और श्रमिकों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर इसी द्विपक्षीय मंच पर बातचीत होने की उम्मीद है।
प्रबंधन के आश्वासन के बाद ट्रेड यूनियनों ने 12 सितंबर को रांची में प्रस्तावित अपना संयुक्त सम्मेलन फिलहाल स्थगित कर दिया है। समिति के गठन में देरी को लेकर यूनियनें प्रबंधन पर दबाव बना रही थीं और इसी क्रम में सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी की गई थी। अब अगला कदम कोल इंडिया की ओर से मंत्रालय को प्रस्ताव भेजना होगा। मंत्रालय की अनुमति के बाद औपचारिक गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
बैठक में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बोनस के विषय पर यूनियनों के साथ बैठक बुलाने का संकेत भी दिया गया। बैठक की तारीख बाद में तय की जानी है। इसके अलावा एटक, एचएमएस और सीटू के प्रतिनिधियों ने जेबीसीसीआई तथा श्रम संहिता से संबंधित प्रक्रिया में इंटक को शामिल करने का मुद्दा उठाया।
प्रबंधन ने कहा कि इंटक से जुड़े न्यायालयीन मामलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। बैठक में औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के प्रावधानों और कोल इंडिया में उनके संभावित क्रियान्वयन पर भी विचार हुआ। यूनियन प्रतिनिधियों ने श्रमिकों और औद्योगिक संबंधों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर अपना पक्ष रखा।