धनबाद के झरिया कोयलांचल में भूमिगत आग और भू-धंसाव से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा का मामला अदालत पहुंच गया है। धनबाद सिविल कोर्ट ने इस संबंध में दायर मुकदमे पर सुनवाई के बाद बीसीसीएल, जिला प्रशासन, डीजीएमएस, पुलिस, सीआईएसएफ, नगर निगम और पर्यावरण विभाग समेत 22 पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह आवेदन अधिवक्ता दीप नारायण ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 30 और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दाखिल किया है। आवेदन में झरिया, कतरास, सिजुआ, कुस्तौर, बस्ताकोला, लोदना, पुटकी-बलिहारी, गोविंदपुर, बरोरा और मुनीडीह जैसे खनन एवं भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है।
आवेदनकर्ता का कहना है कि इन क्षेत्रों में अचानक जमीन धंसने, दरारें पड़ने, भूमिगत आग और सतह के बैठने जैसी स्थितियों से लोगों के जीवन, मकान, प्रतिष्ठान, आजीविका और संपत्ति पर खतरा बना हुआ है। अदालत से संबंधित विभागों और संस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट मंगाने तथा उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी निर्धारित करने का आग्रह किया गया है।
मुकदमे में यह जांच कराने की मांग भी रखी गई है कि प्रभावित क्षेत्रों में अवैध कोयला उत्खनन हो रहा है या नहीं और अनधिकृत प्रवेश तथा खनन रोकने में किसी जिम्मेदार अधिकारी से चूक हुई है या नहीं। ये बिंदु फिलहाल आवेदन में लगाए गए आरोप और जांच की मांग हैं; इनके संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
आवेदन में खनन इंजीनियरिंग, भूविज्ञान, भू-तकनीकी इंजीनियरिंग, खान सुरक्षा, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विशेषज्ञों की स्वतंत्र बहु-विषयक समिति बनाने का अनुरोध किया गया है। इस समिति से प्रभावित इलाकों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं मानचित्रण कराने और सुरक्षित, संवेदनशील तथा खतरनाक क्षेत्रों को चिह्नित करने वाला जीआईएस आधारित सार्वजनिक हैजर्ड मैप तैयार कराने की मांग है।
इसके अलावा खतरे वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, प्रकाश और चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था का आग्रह किया गया है। जमीन में दरार, आग, गैस उत्सर्जन या धंसाव के संकेत मिलने पर तत्काल निरीक्षण तथा जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग भी आवेदन में शामिल है। विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी आवास, भोजन, चिकित्सा सहायता और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।