झारखंड आंदोलनकारियों की लंबित मांगों को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने 15 नवंबर से रांची में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है। राज्य स्थापना दिवस पर प्रस्तावित यह आंदोलन बिरसा चौक से शुरू किया जाएगा। मोर्चा ने अपने कार्यक्रम को ‘उलगुलान एक क्रांति’ नाम दिया है।
आंदोलन की रूपरेखा पर कांके में मोर्चा की रांची जिला इकाई की बैठक हुई। बैठक में शामिल सदस्यों ने मांगें अब तक पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताई और आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। संगठन के अनुसार, प्रस्तावित कार्यक्रम में झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से आंदोलनकारी रांची पहुंचेंगे।
मोर्चा की प्रमुख मांगों में झारखंड आंदोलनकारियों के बच्चों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देना शामिल है। इसके साथ ही आंदोलनकारियों के लिए सम्मान पेंशन की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई गई है। संगठन ने इन दोनों विषयों को अपने आगामी धरना और अनशन के केंद्र में रखा है।
मोर्चा के प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने बैठक में आंदोलनकारियों और झारखंडियों के अस्तित्व, अस्मिता तथा पहचान की रक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि संगठन इन सवालों को लेकर पीछे नहीं हटेगा। यह मोर्चा का पक्ष है और मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
संगठन की घोषित योजना के मुताबिक, आंदोलनकारी 15 नवंबर को पारंपरिक शस्त्रों के साथ बिरसा चौक पहुंचेंगे। वहीं से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन प्रारंभ करने की तैयारी है। कार्यक्रम में कितने लोग शामिल होंगे और धरना स्थल पर क्या व्यवस्थाएं रहेंगी, इसकी निश्चित जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
राज्य स्थापना दिवस के दिन कार्यक्रम प्रस्तावित होने के कारण रांची में इसकी गतिविधियां बिरसा चौक के आसपास केंद्रित रहने की संभावना है। हालांकि प्रशासन से अनुमति, यातायात व्यवस्था या सुरक्षा तैयारियों के बारे में उपलब्ध विवरण में कोई सूचना नहीं है। फिलहाल मोर्चा ने बैठक के बाद कार्यक्रम और अपनी दो प्रमुख मांगों की सार्वजनिक घोषणा की है।