चंदवा में मतदाता सूची का घर-घर सत्यापन, पांच पात्र नागरिकों के नाम नहीं मिले

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने चंदवा के दो मतदान केंद्रों से जुड़े 12 घरों का निरीक्षण किया। सत्यापन में पांच पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर मिले।

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चंदवा में मतदाता सूची सत्यापन अभियान के दौरान मौजूद निर्वाचन अधिकारी

लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में एसआईआर के तहत चल रहे होम-टू-रोल विजिट अभियान के दौरान मतदाता पंजीकरण की स्थिति की जांच की गई। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने दो मतदान केंद्रों के दायरे में आने वाले 12 घरों का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान पांच ऐसे पात्र नागरिक मिले, जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे।

निरीक्षण के लिए रैंडमाइजेशन के आधार पर राजकीय बालिका मध्य विद्यालय, चंदवा के मतदान केंद्र संख्या 328 और प्राथमिक विद्यालय, जमीरा के मतदान केंद्र संख्या 347 का चयन किया गया था। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इन दोनों केंद्रों से संबंधित घरों में जाकर मतदाता पंजीकरण की जानकारी ली।

मतदान केंद्र संख्या 328 के क्षेत्र में दो परिवारों की पात्र महिलाओं के नाम सूची में नहीं मिले। इनमें एक महिला की उम्र 28 वर्ष और दूसरी की उम्र लगभग 30 वर्ष बताई गई है। मतदान केंद्र संख्या 347 के क्षेत्र में 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग के तीन पात्र भारतीय नागरिक भी सूची से बाहर पाए गए।

इन पांचों पात्र नागरिकों का नाम जोड़ने के लिए अब तक फॉर्म-6 जमा नहीं किया गया था। स्थिति सामने आने पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित बीएलओ को घर-घर जाकर सत्यापन करने और 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के उन नागरिकों की पहचान करने का निर्देश दिया, जिनका नाम अभी मतदाता सूची में शामिल नहीं है।

के. रवि कुमार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। उन्होंने नए मतदाताओं, विशेषकर युवाओं के पंजीकरण पर ध्यान देने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि किसी अपात्र अथवा विदेशी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।

सत्यापन के दौरान लातेहार के उपायुक्त संदीप कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी मेरी मड़की, अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार, चंदवा के प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा संबंधित बीएलओ और निर्वाचन कर्मी उपस्थित थे। अभियान में सामने आए मामलों के बाद स्थानीय स्तर पर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी संबंधित निर्वाचन कर्मियों को दी गई है।