रांची में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि झारखंड की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में दूसरे राज्यों से जारी मान्य दस्तावेज भी स्वीकार किए जाएंगे। दूसरे राज्य में जन्मे या पहले वहां निवास कर चुके मतदाता नोटिस मिलने पर दावा-आपत्ति और सुनवाई के दौरान ये दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए 15 सितंबर तक अवसर दिया गया है।
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए संबंधित व्यक्ति का भारत का नागरिक और निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना जरूरी है। वर्तमान एसआईआर में निर्धारित अर्हता तिथि एक अक्टूबर 2026 है और इस तारीख को आवेदक की आयु 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, झारखंड की मतदाता सूची में ऐसे लोग भी पंजीकृत हैं जिनका जन्म या पूर्व निवास किसी अन्य राज्य में रहा है। यदि उन्हें आयु, जन्म अथवा अन्य विवरण के सत्यापन के लिए नोटिस मिला है, तो दस्तावेज का झारखंड से ही जारी होना आवश्यक नहीं है। संबंधित राज्य के सक्षम प्राधिकारी से जारी और निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य दस्तावेज दिए जा सकते हैं।
सत्यापन के लिए वंशावली, सक्षम पदाधिकारी द्वारा जारी पारिवारिक सूची, खतियान और शैक्षणिक दस्तावेज समेत आयोग की निर्धारित सूची में शामिल अन्य अभिलेख प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इनकी जांच संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी तय प्रक्रिया के अनुसार करेंगे। केवल दस्तावेज जमा करना अंतिम स्वीकृति नहीं माना जाएगा; पात्रता पर निर्णय परीक्षण के बाद होगा।
नोटिस पाने वाले मतदाताओं से निर्धारित समय पर सुनवाई में उपस्थित होकर उपलब्ध मान्य दस्तावेज देने की अपील की गई है। इससे ऐसे नागरिकों को अपनी जानकारी और पात्रता स्पष्ट करने का अवसर मिलेगा जिनके जरूरी अभिलेख उनके मूल या पूर्व निवास वाले राज्य से जारी हुए हैं।
निर्वाचन पदाधिकारियों को प्रत्येक मामले में दस्तावेजों की नियमानुसार जांच करने का निर्देश दिया गया है। प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी अपात्र या विदेशी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो।