झारखंड के अनुदानित शिक्षण संस्थानों में शिक्षक-कर्मियों का प्रदर्शन, नियमित वेतन की मांग उठाई

वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्य के अनुदानित स्कूल-कॉलेजों के बाहर धरना दिया गया। संगठन ने नियमित वेतन और अनुदान वृद्धि समेत सात मांगें रखीं।

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झारखंड के अनुदानित शिक्षण संस्थान के बाहर प्रदर्शन करते शिक्षक और कर्मचारी

झारखंड में शिक्षक दिवस पर वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों ने नियमित वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर अपने संस्थानों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर हुए इस आंदोलन में राज्य के अनुदानित स्कूलों और कॉलेजों से जुड़े शिक्षक-कर्मी शामिल हुए।

मोर्चा के अनुसार, प्रदर्शन राज्य के करीब 1,250 संस्थानों में आयोजित किया गया और इसमें लगभग 10 हजार शिक्षक-कर्मचारियों ने भाग लिया। संगठन का कहना है कि वित्त रहित शिक्षक नियमित वेतन के स्थान पर अनुदान के भरोसे काम कर रहे हैं। इसी मुद्दे को शिक्षक दिवस पर राज्यव्यापी ढंग से उठाया गया।

संगठन ने पहले रांची स्थित लोक भवन के सामने धरना देने की योजना बनाई थी। मोर्चा का दावा है कि जिला प्रशासन से तीन बार अनुमति मांगी गई, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। इसके बाद जिला स्तर पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपने-अपने विद्यालयों तथा कॉलेजों के सामने प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।

कुछ स्थानों पर छात्र-छात्राएं भी शिक्षकों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए। आंदोलन के दौरान नियमित वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा उठाया गया। छात्रों की भागीदारी और उनके कथित बयानों की जानकारी भी संघर्ष मोर्चा की ओर से दी गई है।

मोर्चा ने सरकार के सामने सात प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद से मंजूरी दिलाना, सेवा शर्त नियमावली बनाना और सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ सभी अनुदानित संस्थानों की छात्राओं को देना शामिल है। संगठन ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल में कथित अनियमित नियुक्तियों पर कार्रवाई तथा उपाध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पद भरने की मांग भी की है।

मांगपत्र में स्थापना की अनुमति प्राप्त 158 उच्च विद्यालयों को तीन वर्ष की प्रस्वीकृति अवधि देने का विषय भी शामिल किया गया है। मोर्चा ने 12 सितंबर को रांची में अध्यक्ष मंडल की बैठक बुलाने की जानकारी दी है। संगठन के मुताबिक, इस बैठक में आंदोलन के अगले चरण पर निर्णय लिया जाएगा।