झारखंड के छह नगर निकायों में बनेंगे म्यूनिसिपल भवन, 73.35 करोड़ रुपये मंजूर

नगर विकास एवं आवास विभाग ने छह नगर निकायों में म्यूनिसिपल भवन निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति और राशि आवंटन का आदेश जारी किया है।

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रांची में नगर विकास एवं आवास विभाग ने झारखंड के छह नगर निकायों में म्यूनिसिपल भवन बनाने के लिए कुल 73.35 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। विभाग ने योजना के लिए राशि आवंटित करने का आदेश भी जारी कर दिया है। इसके दायरे में तीन नगर परिषद, दो नगर पंचायत और एक नगर निगम शामिल हैं।

योजना के अनुसार गोड्डा, झुमरीतिलैया और गुमला नगर परिषद में नए भवन बनाए जाएंगे। छत्तरपुर और जामताड़ा नगर पंचायतों को भी म्यूनिसिपल भवन मिलेगा। इसके अलावा मेदिनीनगर नगर निगम के भवन निर्माण को स्वीकृत परियोजनाओं में रखा गया है।

स्वीकृत राशि में मेदिनीनगर नगर निगम को सबसे अधिक 24.71 करोड़ रुपये मिले हैं। गोड्डा के लिए 9.89 करोड़, झुमरीतिलैया के लिए 9.26 करोड़ और गुमला के लिए 9.67 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। छत्तरपुर नगर पंचायत को 9.84 करोड़ तथा जामताड़ा नगर पंचायत को 9.99 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

निकायों को क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। छत्तरपुर, गोड्डा और झुमरीतिलैया जनजातीय उप-योजना से बाहर के क्षेत्रों की श्रेणी में हैं। गुमला और जामताड़ा को जनजातीय उप-योजना क्षेत्र के अंतर्गत रखा गया है। मेदिनीनगर की भवन योजना को विभागीय मंत्री की सहमति के साथ 25 जून को राज्य योजना प्राधिकृत समिति की बैठक में भी अनुमोदन मिल चुका है।

विभाग ने निर्माण से जुड़े खर्च के लिए झारखंड शहरी अवसंरचना विकास कंपनी लिमिटेड को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राशि सचिवालय कोषागार से निकालकर कंपनी के पीएल खाते में दी जाएगी। भुगतान की पुनरावृत्ति रोकने और संबंधित दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित करने का प्रावधान भी आदेश में रखा गया है। काम पूरा होने के बाद उपयोगिता प्रमाणपत्र महालेखाकार को भेजना होगा।

मेदिनीनगर नगर निगम की परियोजना के लिए 18 महीने की कार्यावधि निर्धारित की गई है। इसकी 67 प्रतिशत राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 और शेष 33 प्रतिशत राशि 2027-28 में जारी होगी। निर्माण खुली प्रतिस्पर्धी निविदा और तकनीकी रूप से स्वीकृत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के आधार पर कराया जाएगा। कार्यान्वयन एजेंसी को हर महीने परियोजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट विभाग को देनी होगी।