मेदिनीनगर समेत झारखंड के सरकारी स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा के वोकेशनल विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कम से कम 80 घंटे की इंटर्नशिप अनिवार्य होगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को उनके ट्रेड और जॉब रोल से जुड़े प्रतिष्ठानों में व्यावहारिक अनुभव दिलाया जाएगा।
विद्यार्थी इंटर्नशिप ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से पूरी कर सकेंगे। प्रशिक्षण के लिए ग्रीष्मकालीन अथवा शीतकालीन अवकाश, स्कूल की अवधि या सप्ताहांत का उपयोग किया जा सकेगा। किसी क्षेत्र में ऑफलाइन प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित विद्यार्थी को ऑनलाइन इंटर्नशिप का विकल्प दिया जाएगा।
ऑफलाइन प्रशिक्षण के लिए स्कूलों और संबंधित कर्मियों को आसपास के सूक्ष्म, लघु, मध्यम या बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से समन्वय करना होगा। वोकेशनल ट्रेनर और मॉनिटरिंग रिसोर्स पर्सन नियोक्ताओं का विवरण वीटी पोर्टल पर दर्ज करेंगे। इसी जानकारी के आधार पर विद्यार्थियों को उनके ट्रेड से मेल खाने वाले संस्थानों के साथ जोड़ा जाएगा।
निर्धारित 80 घंटे एक ही चरण में पूरे करना जरूरी नहीं होगा। रोज चार घंटे प्रशिक्षण लेने पर इंटर्नशिप 20 दिनों में पूरी होगी। पांच घंटे प्रतिदिन के हिसाब से 16 दिन, छह घंटे पर 14 दिन, सात घंटे पर 12 दिन और आठ घंटे प्रतिदिन प्रशिक्षण लेने पर इसे 10 दिनों में पूरा किया जा सकेगा।
प्रतिष्ठान में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या के आधार पर प्रशिक्षुओं का आवंटन किया जाएगा। पांच से कम कर्मचारियों वाले संस्थान में दो विद्यार्थी भेजे जाएंगे। पांच से 10 कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान में पांच और 10 से 20 कर्मचारियों वाले संस्थान में 10 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इससे अधिक कर्मचारी होने पर विद्यार्थियों की संख्या उसी अनुपात में बढ़ाई जा सकेगी।
इस व्यवस्था का केंद्र कक्षा में मिले व्यावसायिक ज्ञान को कार्यस्थल के अनुभव से जोड़ना है। पलामू समेत राज्य के सरकारी स्कूलों में इसे लागू करने के लिए प्रतिष्ठानों की पहचान, पोर्टल पर उनका पंजीकरण और विद्यार्थियों की ट्रेड के अनुसार मैपिंग अहम चरण होंगे। प्रशिक्षण पूरा करने की समय-सारिणी विद्यार्थियों को उपलब्ध माध्यम और प्रतिदिन दिए जाने वाले घंटों के अनुसार तय की जा सकेगी।