झारखंड के 108 एंबुलेंस कर्मियों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू, 25 सितंबर को हड़ताल की घोषणा

लंबित मांगों को लेकर 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर काम शुरू किया। संघ ने 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

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रांची में झारखंड के 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलन के पहले दिन राज्यभर में कर्मचारियों ने काला बिल्ला पहनकर काम किया और अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया। यह कार्यक्रम झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुरू किया गया है।

संघ की प्रमुख मांग जिला स्तर पर सरकारी माध्यम से 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन शुरू करने की है। कर्मचारियों ने इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक के छह अगस्त 2026 के पत्र में दिए गए निर्देशों को लागू करने की मांग रखी है।

आंदोलनरत कर्मचारियों ने सम्मान फाउंडेशन से हटाए गए कर्मियों को संबंधित जिलों में दोबारा सेवा में बहाल करने की मांग भी की है। इसके साथ ही ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन सहित श्रमिकों को मिलने वाले वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने का मुद्दा उठाया गया है।

संघ के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, कर्मचारी 14 से 19 सितंबर तक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। इसके बाद 19 सितंबर को सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च निकालने की योजना है।

आंदोलन के अगले चरण में 21 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालयों के सामने भिक्षाटन किया जाएगा। संघ ने 23 सितंबर को धरना-प्रदर्शन और 25 सितंबर को राज्यव्यापी एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है। हड़ताल के दिन नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय के समक्ष धरना देने का कार्यक्रम भी तय किया गया है।

कर्मचारी संघ ने सरकार से वार्ता के जरिए मांगों का समाधान निकालने की अपील की है। संघ के मुताबिक, मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। फिलहाल कर्मचारी विरोध दर्ज कराते हुए एंबुलेंस सेवा में अपना काम जारी रख रहे हैं।