पश्चिमी सिंहभूम के ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में आपातकालीन स्वास्थ्य परिवहन की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से नई एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। कोल्हान सगोम सेवा समिति, तमाड़बांध की इस पहल से गंभीर रूप से बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
एंबुलेंस सेवा का उद्घाटन रविवार को चाईबासा में किया गया। कोल्हान के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, एएसपी राहुल देव बड़ाईक, सिविल सर्जन डॉ. मीना कालुंडिया और प्रवीण गागराई ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इसका शुभारंभ किया। उद्घाटन से पहले पारंपरिक रीति के अनुसार पूजा-अर्चना भी की गई।
समिति के अनुसार, सेवा उपलब्ध कराते समय मरीज की चिकित्सकीय जरूरत को प्राथमिक आधार बनाया जाएगा। गंभीर मरीजों के साथ गर्भवती महिलाओं और हादसों में घायल लोगों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल तक पहुंचने में मदद करना है, जिन्हें दूरस्थ क्षेत्र में वाहन मिलने में परेशानी होती है।
एक ही समय पर कई लोगों की ओर से एंबुलेंस की मांग आने की स्थिति के लिए भी व्यवस्था तय की गई है। ऐसी परिस्थिति में संबंधित मरीजों की हालत की गंभीरता के आधार पर सेवा देने का निर्णय लिया जाएगा। समिति ने एंबुलेंस के संचालन के लिए नियमावली तैयार करने के साथ शुल्क संबंधी प्रावधान भी निर्धारित किए हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में डीआईजी किस्पोट्टा ने इस सेवा को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयोगी पहल बताया। आयोजन में समिति के अध्यक्ष तुरतुंग पिंगुवा, सचिव परमानंद बिरुवा, उपाध्यक्ष संजय कुमार बानरा, कोषाध्यक्ष बुधराम तिरिया, संरक्षक डॉ. शिवलाल कुंकल और वाहन प्रभारी सतीश कुमार तामसोय समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।
कोल्हान सगोम सेवा समिति स्वास्थ्य के अलावा शिक्षा, बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और उद्यमिता विकास से जुड़ी जानकारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम भी करती है। नई एंबुलेंस का वास्तविक लाभ अब इसके नियमित संचालन, जरूरत के समय उपलब्धता और निर्धारित व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।