झारखंड डीजीपी नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट में 9 अक्टूबर को अगली सुनवाई

केंद्र ने झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नियमावली की कानूनी वैधता पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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झारखंड डीजीपी नियुक्ति मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का सांकेतिक दृश्य

झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। केंद्र की ओर से नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को तय की है।

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि राज्य सरकार ने डीजीपी की नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। उनका कहना था कि नियुक्ति के लिए तय तीन नामों वाले पैनल के अनुरूप निर्णय नहीं लिया गया। इसी आधार पर केंद्र ने नियुक्ति की वैधता पर आपत्ति जताई।

सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से मामले की सुनवाई बुधवार को ही करने का अनुरोध किया था। झारखंड सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उस दिन उपलब्ध होने में असमर्थता जताई। मामले में अदालत की सहायता कर रहे राजू रामचंद्रन ने भी बताया कि वह अगले सप्ताह उपलब्ध नहीं रहेंगे।

सभी पक्षों की बात सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने 9 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की। अदालत ने झारखंड सरकार को अगली सुनवाई तक डीजीपी नियुक्ति से संबंधित नियमावली की कानूनी वैधता पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

राज्य सरकार की ओर से कपिल सिब्बल ने कहा कि अगली सुनवाई में नियुक्ति की वैधता के प्रश्न पर जवाब दाखिल किया जाएगा। फिलहाल अदालत ने नियुक्ति को वैध या अवैध ठहराते हुए कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है और केंद्र की आपत्तियां न्यायिक विचार के अधीन हैं।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति वी. मोहना और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की पीठ कर रही है। अब 9 अक्टूबर को राज्य के जवाब और संबंधित कानूनी पक्षों पर आगे सुनवाई होने की संभावना है।