रांची में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं से कोई विशेष या अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पहले से उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पात्रता की जांच कर नियमानुसार कारण सहित स्पष्ट आदेश पारित किया जा सकता है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में उन्होंने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को बूथ स्तरीय पदाधिकारियों के काम की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा। अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि पुनरीक्षण का काम निर्धारित समय में और गुणवत्ता के साथ पूरा हो।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने फॉर्म-6 के जरिए मिले नए और युवा पात्र भारतीय नागरिकों के आवेदनों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन कराने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान पुनरीक्षण से जुड़े व्यावहारिक मामलों पर अधिकारियों की शंकाओं का भी समाधान किया गया।
दस्तावेज नहीं रखने वाले वृद्ध व्यक्ति के मामले में रिवर्स पैरेंटल लिंकेज की प्रक्रिया बताई गई। इसके तहत पात्र बुजुर्ग का संबंध उनके ऐसे बच्चों या नाती-पोतों से स्थापित किया जा सकता है, जो पात्र भारतीय नागरिक हों। इसी आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
ससुराल में रह रही और अपने दस्तावेज नहीं रखने वाली पात्र महिला के सत्यापन के लिए माता-पिता से मैपिंग को मान्य बताया गया है। ऐसे मामलों में माता-पिता या भाई-बहन की ओर से मतदाता सूची की प्रक्रिया में दिए जा रहे मान्य दस्तावेज संकलित कर महिला का नाम जोड़ने को कहा गया है।
वंशावली के संबंध में स्पष्ट किया गया कि केवल सक्षम पदाधिकारी या अंचल अधिकारी के स्तर से जारी वंशावली अथवा पारिवारिक सूची ही मान्य होगी। बैठक में अधिकारियों को बूथ स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया, ताकि पात्र नागरिकों के आवेदनों का निपटारा तय प्रक्रिया के अनुसार किया जा सके।