रांची में कृषि विभाग ने किसानों को अनुदान पर ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविरों की व्यवस्था की है। ये शिविर किसानों के नजदीकी सरकारी कार्यालयों में सात नवंबर तक लगाए जाएंगे, ताकि पात्र लाभुकों को उपकरण लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
भूमि संरक्षण निदेशालय ने शिविरों के स्थान और तिथियां तय कर दी हैं। शिविर में संबंधित अधिकारी के साथ उपकरण उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। किसान के अंशदान से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा होने के बाद एक सप्ताह के भीतर उपकरण की आपूर्ति करने की बात कही गई है।
विभाग की योजना के तहत कुल 2,420 बड़े ट्रैक्टर, 524 पंपसेट और 27 अन्य कृषि उपकरण वितरित किए जाने हैं। बड़े ट्रैक्टर के साथ दो कृषि उपकरण भी दिए जाएंगे। वितरण की प्रक्रिया विशेष शिविरों के माध्यम से पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर, रीपर, राइस ट्रांसप्लांटर और अन्य कृषि यंत्रों के वितरण के लिए 13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
योजना का लाभ लेने के लिए लाभुक के पास दस एकड़ खेती योग्य भूमि होना अनिवार्य बताया गया है। बड़े ट्रैक्टर की कीमत दस लाख रुपये मानते हुए लाभुक को 50 प्रतिशत यानी पांच लाख रुपये अंशदान देना होगा। मिनी ट्रैक्टर की कीमत 6.26 लाख रुपये बताई गई है, जिसमें लाभुक को पांच लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।
इच्छुक किसानों को अपने क्षेत्र में घोषित शिविर की तिथि और स्थान के अनुसार संबंधित सरकारी कार्यालय पहुंचना होगा। वहां दस्तावेज और अंशदान से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपकरण आपूर्ति की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। शिविरों का उद्देश्य स्वीकृत कृषि यंत्रों के वितरण को किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर सुलभ बनाना है।