लोहरदगा स्टेशन का डीआरएम ने किया निरीक्षण, यात्री सुविधाओं और रेल परियोजनाओं की समीक्षा

दक्षिण पूर्व रेलवे की डीआरएम करुणा निधि सिंह ने लोहरदगा स्टेशन, कोयल नदी के रेल पुल और विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने नई रेल लाइन और दोहरीकरण परियोजना की प्रगति की भी जानकारी ली।

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लोहरदगा रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों का निरीक्षण करतीं डीआरएम करुणा निधि सिंह

दक्षिण पूर्व रेलवे की मंडल रेल प्रबंधक करुणा निधि सिंह ने शनिवार को लोहरदगा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन परिसर में उपलब्ध यात्री सुविधाओं और रेलवे से जुड़े विकास कार्यों का जायजा लिया। दौरे के दौरान कई वरिष्ठ रेल अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।

डीआरएम ने बताया कि लोहरदगा स्टेशन का निरीक्षण रेलवे की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया गया है। इसके अंतर्गत सौंदर्यीकरण के साथ यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है और आगे भी इन्हें बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

रांची-टोरी मेमू ट्रेन में बोगियों की संख्या बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस रेलखंड पर टिकटों की बिक्री कम है। इसके बावजूद ट्रेन में अतिरिक्त बोगियां लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने स्टेशन के अलावा कोयल नदी पर बने रेलवे पुल का भी निरीक्षण किया।

डीआरएम के अनुसार, लोहरदगा से नई ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिली है। यहां से दिल्ली, हावड़ा, जयपुर, अयोध्या, लखनऊ, बनारस, अजमेर, सासाराम और चोपन समेत विभिन्न स्थानों के लिए रेल सेवा उपलब्ध है। रेलवे यात्रियों की जरूरत के अनुसार सुविधाएं बढ़ाने पर काम कर रहा है।

निरीक्षण के दौरान लोहरदगा से गुमला होते हुए धर्मजयगढ़ तक प्रस्तावित नई रेल लाइन पर भी जानकारी दी गई। डीआरएम ने बताया कि इस परियोजना पर काम शुरू किया गया है। इसके पूरा होने पर लोहरदगा और आसपास के जिलों का दूसरे क्षेत्रों से रेल संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

लोहरदगा-टोरी रेल लाइन के दोहरीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। रेलवे के अनुसार, दोहरीकरण से रेलखंड की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में ट्रेनों के परिचालन में सुविधा होगी। डीआरएम ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से चल रहे कार्यों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।