रांची में सहकारिता विभाग ने बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन की फसलों के बीमा के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया है। योजना में किसान को केवल एक रुपये का प्रीमियम देना होगा। इस अभियान के दायरे में गेहूं, चना, राई-सरसों और आलू की फसलों को रखा गया है।
पंजीकरण की प्रक्रिया इस बार एक अक्टूबर से शुरू की गई है। पहले यह अभियान नवंबर में आरंभ होता था। देर से प्रक्रिया शुरू होने के कारण कई बार पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजना पड़ता था। विभाग ने इसी परेशानी को कम करने और किसानों को अधिक समय देने के उद्देश्य से अभियान एक महीने पहले शुरू किया है।
राज्य में करीब 18 लाख किसान हैं। उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष खरीफ सीजन में 17.54 लाख किसानों ने फसल बीमा कराया। किसानों की ओर से एक रुपये प्रति पंजीकरण के हिसाब से कुल 17.54 लाख रुपये का प्रीमियम दिया गया। इसके अलावा राज्य सरकार ने 225.76 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार ने 58.48 करोड़ रुपये का योगदान किया।
रबी फसलों के बीमा में किसानों की भागीदारी खरीफ की तुलना में काफी कम रही है। पिछले रबी सीजन में 2.65 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया था। उस अवधि में राज्य सरकार ने 49.12 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार ने 21.09 करोड़ रुपये का प्रीमियम दिया था। विभाग अब रबी सीजन में पंजीकरण की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
सहकारी समितियों के निबंधक शशि रंजन के अनुसार, पात्र किसानों को योजना से जोड़ने के लिए प्रचार और जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं। विभाग का विशेष ध्यान उन गैर-ऋणी किसानों तक जानकारी पहुंचाने पर है, जो कृषि ऋण से जुड़े नहीं होने के कारण बीमा व्यवस्था से बाहर रह जाते हैं।
अभियान का उद्देश्य अधिसूचित रबी फसलों की खेती करने वाले अधिक से अधिक पात्र किसानों को बीमा के दायरे में लाना है। समय से पहले पंजीकरण शुरू होने से विभाग को किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त अवधि मिल सकेगी।