झारखंड में खाद्यान्न गोदामों के निर्माण और मरम्मत में तेजी लाने का निर्देश

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिलों को गोदामों के लंबित निर्माण और मरम्मत कार्य तय समय में पूरा करने तथा गुणवत्ता जांच के बाद ही हस्तांतरण लेने का निर्देश दिया है।

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झारखंड में खाद्यान्न गोदामों के निर्माण और मरम्मत की समीक्षा

रांची में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान झारखंड में खाद्यान्न भंडारण व्यवस्था मजबूत करने के लिए गोदामों के निर्माण और मरम्मत में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों से कहा गया है कि काम तय समय में पूरे हों और निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाए।

पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया प्रखंड में वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत स्वीकृत गोदाम मरम्मत को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। धनबाद और सरायकेला-खरसावां में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत आवंटित मरम्मत कार्य भी इसी समयसीमा में पूरे करने हैं। गुणवत्ता की जांच के बाद ही गोदामों का हस्तांतरण लेने को कहा गया है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में गोदामों के लिए लोडिंग-अनलोडिंग प्लेटफॉर्म और शेड बनाने तथा सीलन रोकने की तैयारी भी की जाएगी। तकनीकी स्वीकृति और प्राक्कलन की जांच के बाद संबंधित प्रस्ताव विभाग को भेजे जाएंगे। वहीं, एक हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले पूर्ण हो चुके गोदामों को तत्काल चालू करने और उनकी लैट-लॉन्ग मैपिंग कराने का निर्देश है।

साहिबगंज में भूमि विवाद के कारण अटके नए गोदाम के लिए दूसरा स्थल चुनने को कहा गया है, ताकि धान अधिप्राप्ति से पहले निर्माण पूरा किया जा सके। पलामू में बन रहे पांच हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम का काम शीघ्र पूरा कर उसे सीएमआर भंडारण में उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।

हजारीबाग, जामताड़ा और पलामू में आवंटित एक हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों के निर्माण में देरी दूर करने के लिए भवन निर्माण विभाग और संबंधित उपायुक्तों से समन्वय करने को कहा गया है। विभाग ने निर्माण पूरा होने के साथ समय पर हस्तांतरण और गोदामों को उपयोग में लाने पर भी जोर दिया है।

नए गोदामों के लिए स्थल चुनते समय सुरक्षा व्यवस्था, पहुंच पथ और प्रखंड परिसर से दूरी का आकलन करना होगा। प्रस्तावित गोदामों की क्षमता एक हजार या ढाई हजार मीट्रिक टन हो सकती है। विभाग के निर्देश निर्माण, मरम्मत और संचालन की प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर केंद्रित हैं।