रांची में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 64 करोड़ 71 लाख 27 हजार रुपये जारी किए हैं। यह राशि खाद्यान्न के हथालन-परिवहन, डोर स्टेप डिलीवरी और जनवितरण प्रणाली डीलरों के कमीशन पर खर्च की जाएगी।
विभागीय सचिव राजेश शर्मा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, कुल आवंटन में 40.51 करोड़ रुपये डीलरों के कमीशन के भुगतान के लिए रखे गए हैं। कुल राशि का सबसे बड़ा हिस्सा इसी मद के लिए निर्धारित किया गया है।
भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के गोदामों तक अनाज पहुंचाने के लिए 12.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके बाद निगम के गोदामों से जनवितरण प्रणाली की दुकानों तक खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी के लिए 11.75 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
आदेश के अनुसार, आवंटित राशि का वितरण एसएनए-स्पर्श पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। विभाग ने बताया है कि योजना के क्रियान्वयन में वित्तीय वर्ष 2024-25 से इस डिजिटल प्रणाली का इस्तेमाल हो रहा है। इसका उद्देश्य भुगतान की प्रक्रिया में वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखना है।
परिवहन की दर और अनुबंध में तय सीमा के बीच अधिक अंतर होने की स्थिति के लिए भी व्यवस्था की गई है। ऐसी परिस्थिति में अतिरिक्त राशि का भुगतान स्टेट टॉप-अप से किए जाने का प्रावधान है। इससे परिवहन संबंधी देनदारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा किया जा सकेगा।
विभाग का कहना है कि पर्याप्त आवंटन उपलब्ध रहने पर जनवितरण प्रणाली के किसी डीलर का कमीशन लंबित नहीं रहेगा। साथ ही, गोदामों के बीच तथा राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में भी इस राशि से मदद मिलने की बात कही गई है।