रांची में राज्य सरकार के स्तर पर किसानों को धान की सरकारी बिक्री पर मिलने वाला बोनस बढ़ाने की तैयारी की गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने मौजूदा 84 रुपये प्रति क्विंटल बोनस में 25 रुपये की वृद्धि कर इसे 109 रुपये प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए कैबिनेट की सहमति अभी बाकी है।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर सरकारी खरीद केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 109 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस मिलेगा। उपलब्ध विवरण के अनुसार, बढ़ी हुई दर के कारण किसानों को वर्तमान व्यवस्था के मुकाबले प्रत्येक क्विंटल पर 25 रुपये अधिक मिलेंगे।
विभाग ने खरीफ विपणन मौसम के लिए राज्य में 40 लाख क्विंटल धान की अधिप्राप्ति का लक्ष्य तय किया है। इसी प्रस्तावित लक्ष्य के आधार पर बोनस भुगतान से राज्य सरकार पर 43.60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का आकलन किया गया है।
धान खरीद का लक्ष्य विभागीय आवश्यकता के आकलन के बाद निर्धारित किया गया है। केंद्र सरकार के एनएफएसए सेंट्रल पूल के लिए 19.60 लाख क्विंटल और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लिए 19,79,412 क्विंटल धान की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। इन दोनों आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए खरीद लक्ष्य 40 लाख क्विंटल रखा गया है।
कैबिनेट की प्रस्तावित बैठक में धान बोनस के साथ सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास और नगर विकास विभाग से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना बताई गई है। विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और झारखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति से जुड़े विषय भी विचार के लिए सामने आ सकते हैं।
फिलहाल किसानों के लिए 109 रुपये प्रति क्विंटल बोनस को अंतिम स्वीकृत योजना नहीं माना गया है। विभागीय निर्णय के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलना आवश्यक है। मंजूरी मिलने पर ही बढ़ी हुई राशि के भुगतान और धान अधिप्राप्ति से जुड़ी व्यवस्था औपचारिक रूप से प्रभावी हो सकेगी।