धनबाद में झारखंड कोयला व्यवसायी संघ ने लिंकेज कोयले की खुले बाजार में कथित अवैध बिक्री का विरोध किया है। संघ ने बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को पत्र सौंपकर स्पॉट ई-ऑक्शन में भाग लेने वाले स्थानीय कोयला कारोबारियों को हो रहे आर्थिक नुकसान का मुद्दा उठाया है।
संघ का आरोप है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लघु उद्योगों के लिए रियायती दर पर आवंटित लिंकेज कोयला संबंधित इकाइयों तक पहुंचने के बजाय स्थानीय खुले बाजार में बेचा जा रहा है। पत्र में इस कथित व्यवस्था के कारण बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति बनने की बात कही गई है।
कारोबारी संगठन के अनुसार, स्थानीय व्यापारी स्पॉट ई-ऑक्शन में ऊंची बोली लगाकर कोयला खरीदते हैं। इसके विपरीत रियायती दर पर आवंटित कोयला यदि खुले बाजार में उपलब्ध होता है, तो नीलामी से खरीद करने वाले कारोबारियों के लिए कीमत के स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाता है। संघ ने दावा किया है कि इससे उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ रहा है।
संगठन ने इस विषय में बीसीसीएल प्रबंधन से हस्तक्षेप की मांग की है। सीएमडी को दिए गए पत्र की प्रतिलिपि कंपनी के निदेशक वित्त और बिक्री एवं विपणन विभाग के महाप्रबंधक को भी भेजी गई है, ताकि आवंटन और बिक्री से जुड़े पहलुओं पर संबंधित स्तरों पर विचार किया जा सके।
संघ की मुख्य मांग है कि जिन कोलियरियों से ई-नीलामी का कोयला उपलब्ध कराया जाता है, वहां से लिंकेज कोयले का आवंटन बंद किया जाए। संगठन का कहना है कि इस कदम से स्पॉट ई-ऑक्शन के माध्यम से कोयला खरीदने वाले स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा हो सकेगी।
फिलहाल उपलब्ध विवरण में बीसीसीएल प्रबंधन की प्रतिक्रिया या संघ के आरोपों पर किसी जांच और निर्णय की जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में खुले बाजार में बिक्री संबंधी दावा कारोबारी संघ का आरोप है, जबकि उसके पत्र पर कंपनी की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।