झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण के करीब 10 लाख दावे लंबित, समय बढ़ाने का आग्रह

विशेष गहन पुनरीक्षण के लंबित दावों के निपटारे की मौजूदा समयसीमा 14 अक्टूबर है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्वाचन आयोग से इसे 60 दिन बढ़ाने का अनुरोध किया है।

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झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान करीब 10 लाख दावों और आपत्तियों का निपटारा बाकी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस प्रक्रिया के लिए 14 अक्टूबर तक का समय है, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर को प्रस्तावित है। बड़ी संख्या में लंबित मामलों के कारण तय अवधि में दस्तावेजों के सत्यापन और सुनवाई को लेकर चुनौती सामने आई है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग से दावा-आपत्ति के निपटारे की समयसीमा 60 दिन बढ़ाने का आग्रह किया गया है। उनका कहना है कि समय बढ़ाए जाने की स्थिति में 19 अक्टूबर को प्रस्तावित अंतिम सूची का प्रकाशन नहीं हो सकेगा। दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो चुकी है।

इस बीच मतदाता संबंधी विवरणों के डिजिटाइजेशन के लिए 7, 8 और 9 अक्टूबर को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद 10 अक्टूबर को सभी मतदान केंद्रों पर मेगा हेल्प डेस्क लगाने की योजना है, जहां मतदाताओं को सूची और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

पुनरीक्षण कार्य में लगे बूथ स्तरीय अधिकारियों के सामने मतदाताओं से संपर्क की समस्या भी आ रही है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, कुछ लोगों के मोबाइल नंबर या पते बदल चुके हैं और कई मतदाता सूचना मिलने के बाद भी नोटिस लेने नहीं पहुंच रहे हैं। फोन पर संपर्क नहीं होने की स्थिति में अधिकारी घर-घर जाकर नोटिस देने का प्रयास कर रहे हैं।

मतदाता सूची में एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने जैसी विसंगतियों के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाता किसी एक मतदान केंद्र की सूची में नाम बनाए रखने के लिए जवाब और दस्तावेज जमा कर रहे हैं। जिन मतदाताओं तक नोटिस नहीं पहुंच पाया है, उनके नाम पर आगे क्या निर्णय होगा, यह निर्वाचन आयोग को तय करना है।

निर्वाचन आयोग ने इस पुनरीक्षण के लिए 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि माना है। इस तारीख को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले ऐसे भारतीय युवा, जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है, निर्धारित अवधि में फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाता सूची में नाम दर्ज होने को पात्र नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण बताया है।