झारखंड में राशन कार्ड के नए और लंबित आवेदनों की मंजूरी से पहले ई-केवाईसी अनिवार्य

नया राशन कार्ड बनवाने या मौजूदा कार्ड में सदस्य जोड़ने के आवेदनों पर अब ई-केवाईसी पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। यह सुविधा राशन डीलरों की ई-पॉस मशीन पर उपलब्ध है।

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झारखंड में राशन कार्ड से जुड़े नए और लंबित आवेदनों की स्वीकृति के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार, यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित आवेदन पर आगे कार्रवाई करते हुए उसे मंजूरी दी जाएगी।

नई व्यवस्था उन लोगों पर लागू होगी जिन्होंने नया राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन दिया है। मौजूदा राशन कार्ड में किसी नए सदस्य का नाम जोड़ने के लंबित मामलों में भी आवेदक को पहले ई-केवाईसी पूरी करानी होगी। यानी केवल आवेदन जमा कर देना स्वीकृति के लिए पर्याप्त नहीं होगा।

ई-केवाईसी की सुविधा राज्य के राशन डीलरों के पास उपलब्ध ई-पॉस मशीनों में दी गई है। आवेदक अपने नजदीकी राशन डीलर के पास जाकर यह प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। इसके लिए आवेदन के समय मिली पंजीकरण संख्या का उपयोग किया जाएगा।

विभाग की ओर से बताई गई व्यवस्था के मुताबिक, ई-पॉस मशीन से सत्यापन हो जाने के बाद लंबित आवेदन आगे की प्रक्रिया में जाएगा। स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध होने के कारण आवेदकों को ई-केवाईसी के लिए अलग से किसी विभागीय कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

राज्य में बड़ी संख्या में परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत रियायती दर पर अनाज प्राप्त करते हैं। विभाग का कहना है कि नई प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र लाभुकों की सही पहचान सुनिश्चित करना और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।

नए कार्ड या सदस्य जोड़ने के लिए पहले से आवेदन कर चुके लोगों के लिए समय पर ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा। प्रक्रिया अधूरी रहने पर आवेदन को स्वीकृति नहीं मिलेगी और उस पर आगे की कार्रवाई भी नहीं हो सकेगी। आवेदक अपने क्षेत्र के राशन डीलर से संपर्क कर पंजीकरण संख्या के माध्यम से सत्यापन पूरा करा सकते हैं।