रांची में वित्त विभाग ने राज्य सरकार के बिल भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह कागजरहित बनाने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था 1 सितंबर से लागू होगी। इसके बाद वेतन तथा अन्य सरकारी खर्च से जुड़े बिल ई-साइन या डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से ही भुगतान के लिए स्वीकार किए जाएंगे।
विभाग की संयुक्त सचिव ज्योति कुमारी झा की ओर से इस संबंध में सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। अधिकारियों से निर्धारित समय के भीतर आवश्यक तैयारी पूरी करने को कहा गया है, ताकि नई प्रणाली लागू होने पर भुगतान संबंधी काम प्रभावित न हो।
डिजिटल व्यवस्था के दायरे में सरकारी कर्मचारियों के वेतन बिल, आकस्मिक व्यय और यात्रा भत्ता शामिल होंगे। हाउस बिल्डिंग एडवांस, मोटर कार एडवांस तथा अन्य संबंधित अग्रिमों के बिल भी डिजिटल हस्ताक्षर से निपटाए जाएंगे। इन मदों में कागजी हस्ताक्षर वाली प्रक्रिया स्वीकार नहीं की जाएगी।
यह भुगतान प्रणाली इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम के तहत संचालित ई-वाउचर व्यवस्था का हिस्सा होगी। इससे पहले मार्च 2024 में सरकारी कर्मियों के वेतन और एसएनए स्पर्श के अंतर्गत आने वाली केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि के लिए कागजरहित भुगतान का प्रावधान किया गया था। अब ई-वाउचर का दायरा अन्य सरकारी बिलों तक बढ़ाया जा रहा है।
व्यवस्था के संचालन के लिए प्रत्येक विभाग को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नामित करना होगा। डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट से जुड़े कार्यों के लिए विभागीय स्तर पर मेकर और चेकर भी तय किए जाएंगे। इन अधिकारियों का विवरण वित्त विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
आदेश की प्रतियां प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), झारखंड और पीएमयू कोषागार को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं। आदेश विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद संबंधित अधिकारियों को सरकारी भुगतान के लिए कागजी दस्तावेजों के स्थान पर निर्धारित डिजिटल प्रक्रिया का पालन करना होगा।